Edited By Kuldeep, Updated: 14 Mar, 2026 09:40 PM

प्रदेश में निजी शैक्षणिक संस्थानों को सरकार और शिक्षा विभाग के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिमला (प्रीति): प्रदेश में निजी शैक्षणिक संस्थानों को सरकार और शिक्षा विभाग के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों से संबंधित मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध न करवाने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया है कि कई निजी स्कूल विभिन्न गतिविधियों के संचालन से संबंधित जानकारी देने में लापरवाही बरत रहे हैं। यह प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा और दंडनीय है।
इसके अलावा यह भी सामने आया है कि कई निजी स्कूल अभिभावकों द्वारा आवेदन करने के बावजूद बच्चों का स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र जारी करने में अनावश्यक देरी कर रहे हैं या विभिन्न कारणों का हवाला देकर इसे देने से इंकार कर देते हैं। विभाग ने इसे शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत बताया है। इसी को देखते हुए सभी जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को आदेश जारी करें कि विभाग, राज्य सरकार और भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें और मांगी गई जानकारी तुरंत उपलब्ध करवाएं।
साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि जब भी कोई अभिभावक अपने बच्चे का स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आवेदन करें, तो उसे बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए, ताकि बच्चे को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश लेने में किसी प्रकार की बाधा न आए। जारी आदेशों में विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनकी एनओसी भी रद्द की जा सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।