Shimla: सरकारी नौकरी व व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रवेश से पहले चिट्टा टैस्ट करवाना अनिवार्य : सुक्खू

Edited By Kuldeep, Updated: 11 May, 2026 11:28 PM

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि सरकारी नौकरी व व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश से पहले चिट्टा टैस्ट करवाना अनिवार्य होगा।

शिमला (कुलदीप): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि सरकारी नौकरी व व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश से पहले चिट्टा टैस्ट करवाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष, 2025 में हुई 1,300 पुलिस जवानों की भर्ती से पहले भी इस तरह का टैस्ट करवाया गया था। इसके लिए मैडीकल सर्टीफिकेट में चिट्टे का अलग से कॉलम डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि पी.जी. करने वाले डाक्टरों व इंजीनियर सहित अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाला यदि कोई सेवन करता पाया जाता है, तो उसका पहले पुनर्वास होगा और उसके बाद वह अपनी पढ़ाई को जारी रख सकेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश सचिवालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 234 पंचायतों को चिट्टा की दृष्टि से संवेदनशील पाया गया है, जिनको रैड, यैलो और ग्रीन श्रेणी में बांटा गया है।

चिट्टा की दृष्टि से शिमला जिला में 19, सोलन में 9, सिरमौर में 20, पुलिस जिला बद्दी में 26, मंडी में 24, कुल्लू में 28, हमीरपुर में 14, बिलासपुर में 27, कांगड़ा में 15, पुलिस जिला नूरपुर में 22, पुलिस जिला देहरा में 7, चम्बा में 13 और ऊना में 10 पंचायतें संवेदनशील पाई गई हैं। चिट्टा के कारोबार से जुड़े करीब 12 हजार व्यक्तियों की पहचान की गई है और पिछले साढ़े 3 वर्ष में चिट्टा सहित अन्य नशे के कारोबार से 51 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत 6,811 मामले दर्ज करके 10,357 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इस तरह वर्तमान सरकार ने राज्य में चिट्टा सहित करीब 45,867 किलो नशा बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष, 2026 में अब तक पूरे देश में एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत जो कार्रवाई की गई है, वह राष्ट्रीय औसत के हिसाब से 33 फीसदी है।

चिट्टा मुक्त अभियान का दूसरा चरण 1 जून से
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी निकाय व पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चिट्टा मुक्त अभियान के दूसरे चरण में 1 जून से 20 अगस्त तक फिर से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जिलों में चलाए जाने वाले अभियान में वह खुद भी इसमें शामिल होंगे।

123 सरकारी व पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई, 10 सरकारी व 21 पुलिस कर्मी बर्खास्त
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नशा संबंधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए 10 सरकारी कर्मचारियों और 21 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। उन्होंने कहा कि पत्रकार वार्ता में उनके साथ मौजूद राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी व पंचायती राज मंत्री कल तक अपने विभाग से संबंधित कार्रवाई कर देंगे तथा अन्य विभाग भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।

एनकॉर्ड की बैठक, फार्मा कंपनियों के लाइसैंस होंगे रद्द
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उन्होंने यहां नारकोटिक्स को-ऑर्डीनेशन सैंटर (एनकॉर्ड) की बैठक की है। इसमें प्रदेश में एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि दवा निर्माण और वितरण को लेकर फार्मास्यूटिकल कंपनियों की तरफ से नियमों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी तथा दवाओं के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से दवाइयां बेचने वाली दुकानों के लाइसैंस रद्द किए जाएंगे।

चिट्टा मामले में फोरैंसिक रिपोर्ट 5 दिन के भीतर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा के मामलों से संबंधित फोरैंसिक रिपोर्ट 5 दिनों के भीतर तैयार की जानी चाहिए, ताकि जांच और मुकदमों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने अधिकारियों को चिट्टा तस्करों की तरफ से अवैध रूप से अतिक्रमण कर बनाई गई संपत्तियों को तोड़ने के निर्देश दिए।

76 अवैध संपत्तियों की पहचान, 17 को तोड़ा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एसटीएफ ने 700 से अधिक मामलों की जांच की और 300 मामलों को वित्तीय जांच एवं संपत्ति फ्रीज करने के लिए चिन्हित किया। अब तक 76 अवैध संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा 17 मामलों में अवैध संपत्तियों को तोड़ा गया है।

मशोबरा पुनर्वास केंद्र 20 से होगा सक्रिय, टांडा में भी होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पुनर्वास केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से नशा छोड़ने के इच्छुक युवाओं को उपचार, परामर्श और पुनर्वास सुविधाओं से भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के मशोबरा में पुनर्वास केंद्र 20 मई से मशोबरा में क्रियाशील कर दिया जाएगा, जबकि दूसरा केंद्र डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा।

एसपी शिमला सहित 3 सम्मानित
मुख्यमंत्री ने पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत उत्कृष्ट वित्तीय जांच कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना रेणु शर्मा और एएसआई पारुल नैंटा को भी सम्मानित किया। एसपी शिमला गौरव सिंह द्वारा 5.80 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज की गई है। एएसपी ऊना रेणु शर्मा ने 1 किलोग्राम चिट्टा बरामदगी की तथा एएसआई पारुल नैंटा की तरफ से मामलों की वित्तीय जांच समीक्षा जैसे कार्य किए गए। ऊना में 1 किलो चिट्टा के साथ पकड़ा गया किंगपिन जेल की सलाखों के पीछे है।

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