Edited By Kuldeep, Updated: 24 Aug, 2026 11:08 PM

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर अखाड़ा बन गया, जहां विपक्षी दल भाजपा और सत्ताधारी कांग्रेस के विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन...
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर अखाड़ा बन गया, जहां विपक्षी दल भाजपा और सत्ताधारी कांग्रेस के विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और मुख्य मुद्दों से भागने के गंभीर आरोप लगाए।
विपक्ष ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। भाजपा विधायक हाथों में अटैची लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस पर कई आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में सिर से लेकर पांव तक डूबी हुई है। उन्होंने खुद कांग्रेस नेताओं के हवाले से कहा कि 3 अटैची दिल्ली भेजने और 2 मुख्यमंत्री कार्यालय में रखने के आरोप लग रहे हैं। विपक्ष का दावा है कि बिना पैसे के प्रदेश में कोई काम नहीं हो रहा है और पिछले 4 वर्षों से विकास का पहिया रुका हुआ है।
सत्ता पक्ष की ओर से उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा के विरोध प्रदर्शन को सिरे से खारिज करते हुए कड़ा जवाब दिया। अग्निहोत्री ने कहा कि देश में इस समय महंगाई चरम पर है। चीनी के दाम 80 रुपए तक पहुंच गए हैं, साथ ही चंदा चोरी और पेपर लीक जैसे बड़े मुद्दे हैं, जिन्हें दबाने के लिए विपक्ष बार-बार सदन को बाधित कर रहा है।
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का पूरा सम्मान करती है, लेकिन सदन की कार्यवाही नियमों और संविधान के दायरे में ही चलती है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष जनता से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा करना चाहता है, लेकिन भाजपा जनहित के मुद्दों से भाग रही है और सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने में लगी है।