Edited By Kuldeep, Updated: 29 Aug, 2026 10:00 PM

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) प्रशासन ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों में बढ़ाई गई फीस को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।
शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) प्रशासन ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों में बढ़ाई गई फीस को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। मुख्य वार्डन कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी अधिसूचना के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालय छात्रावासों में पहले से लागू शुल्क संरचना ही जारी रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह फैसला बढ़ी हुई छात्रावास फीस वापस लेने के संबंध में कुलपति की सैद्धांतिक मंजूरी और गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया है। हालांकि इस निर्णय को वित्त समिति और कार्यकारी परिषद की पश्चात स्वीकृति के अधीन रखा गया है। अधिसूचना में बीते 8 अप्रैल की अधिसूचना के एक विशेष प्रावधान को छोड़कर बढ़ी हुई शुल्क संरचना वापस लेने की बात कही गई है।
पुरानी शुल्क व्यवस्था के तहत होस्टल सिक्योरिटी 100 रुपए, मैस सिक्योरिटी आवर्ती 3,000 रुपए और मैस सिक्योरिटी (गैर-आवर्ती) 100 रुपए रहेगी। मासिक शुल्क में कॉमन रूम फंड 30 रुपए, बिजली शुल्क 120 रुपए, पानी शुल्क 15 रुपए, कमरा किराया 110 रुपए, इस्टैब्लिशमैट चार्ज 25 रुपए और अन्य शुल्क 30 रुपए निर्धारित हैं।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि एससी/एसटी विद्यार्थियों से कमरा किराया नहीं लिया जाएगा। वहीं, ऐसे शोधार्थी जिन्हें हाऊस रैंट/रूम रैंट मिल रहा है या वे इसके हकदार हैं, उन्हें होस्टल में रहने पर नियमानुसार संबंधित राशि कमरे के किराए के रूप में जमा करनी होगी। अधिसूचना के अनुसार सभी सिक्योरिटी राशि प्रवेश के समय एक बार ली जाएगी, जबकि अन्य देय शुल्क वार्षिक आधार पर वसूले जाएंगे।
बढ़ी हुई फीस भी होगी समायोजित
जिन विद्यार्थियों ने बढ़ी हुईं दरों के अनुसार पहले ही होस्टल फीस जमा कर दी है, उनकी अतिरिक्त जमा राशि को आगामी सैमेस्टर/सत्र की फीस में समायोजित किया जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थी वित्त अधिकारी के समक्ष दावा प्रस्तुत कर अतिरिक्त राशि वापस भी प्राप्त कर सकते हैं।
एचपीयू ने 68 शोधार्थियों को आबंटित किए छात्रावास
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने 68 शोधार्थियों को छात्रावास आबंटित किए हैं। इनमें 33 छात्राएं और 35 छात्र शामिल हैं। बीते दिनों पूर्व विश्वविद्यालय प्रशासन ने शोधार्थियों को हाेस्टल सुविधा देने का फैसला लिया था। इसी निर्णय के तहत शनिवार को छात्रावास आबंटन के निर्देश जारी किए गए हैं।