Edited By Kuldeep, Updated: 11 Apr, 2026 07:26 PM

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन वाली शुल्क की सरकार चल रही है।
शिमला (ब्यूरो): नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन वाली शुल्क की सरकार चल रही है। इसलिए उन्होंने मातृशक्ति के लिए राज्य स्तरीय कमला नेहरू अस्पताल में मेजर ऑप्रेशन सहित अन्य चीजों के लिए 4700 रुपए की फीस लगा दी है। सरकार हमेशा एक वैल्फेयर स्टेट के रूप में कार्य करती है, हर जगह शुल्क लगाना सरकार का काम नहीं है। हिमकेयर के तहत यदि लोगों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है तो अब सरकार उसमें तमाम तरह की फीस क्यों जोड़ रही है?
सुक्खू सरकार अब हिमकेयर के चरणबद्ध खात्मे की तरफ बढ़ रही है। पहले दिन से ही सुक्खू सरकार को भाजपा सरकार की योजनाएं चुभ रही थीं, जिसे अब बंद करने का काम लगातार चल रहा है। शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि मातृत्व के लिए सर्जरी करवाने वाली महिलाओं से अब रोटी के भी पैसे लिए जाएंगे। मरहम पट्टी के लिए भी पैसा लिया जाएगा। इसके अलावा, सर्जन, कंसल्टेशन फीस, एनैस्थीसिया, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, ऑक्सीजन के भी चार्ज लिए जा रहे हैं।
हिमकेयर में यह सब फ्री था, अब पैसा लगेगा। सरकार द्वारा हिमकेयर के तहत आपूर्ति करने वालों का भुगतान रोके जाने की वजह से वैसे ही हालत खराब है, ऐसे में सुख की सरकार का यह शुल्क पैकेज प्रदेश के लोगों पर भारी पड़ेगा। सरकार ने हिमकेयर को बंद करने की चरणबद्ध शुरूआत कर दी है। सोचने में ही यह हास्यास्पद है कि 1500 रुपए की इंदिरा गांधी सम्मान निधि की झूठी गारंटी देकर सत्ता में आई सरकार कस्तूरबा गांधी जी के जन्मदिन पर कमला नेहरू अस्पताल में मातृशक्ति से ऑप्रेशन के शुल्क वसूलने का फरमान जारी किया गया है।
चंडीगढ़ हाटी समिति के सांस्कृतिक कार्यक्रम भादरी में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर चंडीगढ़ हाटी समिति द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भादरी में शामिल हुए। यह कार्यक्रम पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर जयराम ठाकुर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को संजोकर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदेश से बाहर रह रहे लोग जब अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए इस प्रकार के आयोजन सराहनीय पहल है।