सावधान! Adult App के नाम पर ठगी का जाल बुन रहे साइबर अपराधी

Edited By Kuldeep, Updated: 08 Sep, 2026 04:31 PM

shimla cyber fraud

यू-ट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे इंटरनैट मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्क्रॉल करते वक्त यदि आपको किसी पोर्न वीडियो की झलक, संदिग्ध विज्ञापन या एडल्ट एप से जुड़ा लिंक दिखे, तो उस पर क्लिक करने की गलती बेहद भारी पड़ सकती है।

शिमला (ब्यूरो): यू-ट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे इंटरनैट मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्क्रॉल करते वक्त यदि आपको किसी पोर्न वीडियो की झलक, संदिग्ध विज्ञापन या एडल्ट एप से जुड़ा लिंक दिखे, तो उस पर क्लिक करने की गलती बेहद भारी पड़ सकती है। साइबर ठगों ने अब आम लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए एडल्ट मोबाइल एप और फर्जी लिंक को नया हथियार बनाया है। इस तरह के लिंक के जरिए मोबाइल में खतरनाक मालवेयर (वायरस) भेजकर लोगों के बैंक खातों और पे-वॉलेट से पूरी रकम उड़ाई जा रही है।

देश भर में तेजी से सामने आते ऐसे मामलों को देखते हुए गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई 4 सी) ने एंड्रॉयड मोबाइल यूजर्स के लिए एडवाइजरी जारी की है। साथ ही आई 4 सी की नैशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने नागरिकों को ऐसे खतरनाक एप से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है, जो मोबाइल का पूरा एक्सेस हासिल कर अनधिकृत वित्तीय लेनदेन कर सकते हैं। एडवाइजरी के अनुसार साइबर अपराधी सबसे पहले सोशल मीडिया पर आकर्षक या अश्लील विज्ञापनों के जरिए संदिग्ध एप का प्रचार करते हैं। जैसे ही कोई यूजर इन विज्ञापनों पर क्लिक करता है, उसे एक बाहरी व असुरक्षित वैबसाइट पर ले जाया जाता है।

वहां यूजर को एप की डायरैक्ट एपीके फाइल डाऊनलोड करने के लिए उकसाया जाता है और एप इंस्टॉल होते ही यूजर से विशेष पहुंच अनुमति मांगी जाती है। यह अनुमति मिलते ही साइबर अपराधी संबंधित फोन को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लेते हैं। इसके बाद यह मालवेयर फोन की स्क्रीन पर दिखने वाली हर जानकारी पढ़ने, खुद बटन दबाने और बैकग्राऊंड में गतिविधियां चलाने में सक्षम हो जाता है। ठग इसका इस्तेमाल एसएमएस के जरिए आने वाले ओटीपी को पढ़ने, यूपीआई पिन दर्ज करने और यूजर की जानकारी के बिना पैसे ट्रांसफर करने के लिए करते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान
कोई भी एप केवल गूगल प्ले स्टोर या आधिकारिक एप स्टोर से ही डाऊनलोड करें। सोशल मीडिया विज्ञापनों, संदिग्ध वैबसाइटों या मैसेज में आए किसी भी अनजान एपीके लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें। किसी भी नए एप को बिना सोचे-समझे एक्सेसिबिलिटी या विशेष एक्सेस की अनुमति न दें। आई 4 सी के अनुसार अपने मोबाइल में मौजूद सभी एप्स की नियमित जांच करें। यदि कोई अनजान एप दिखे, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें। मोबाइल में हमेशा गूगल प्ले प्रोटैक्ट चालू रखें और फोन के ऑप्रेटिंग सिस्टम को अपडेट रखें।

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