Edited By Kuldeep, Updated: 16 Aug, 2026 10:55 PM

हिमाचल प्रदेश सरकार ने कृषि और बागवानी विभागों में विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित भुगतानों और देनदारियों को निपटाने की कवायद शुरू कर दी है।
शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश सरकार ने कृषि और बागवानी विभागों में विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित भुगतानों और देनदारियों को निपटाने की कवायद शुरू कर दी है। सरकार ने दोनों विभागों से सबसिडी सहित अन्य मदों में लंबित राशि का पूरा ब्यौरा मांगा है। विभागों से यह जानकारी ली जा रही है कि विभिन्न योजनाओं के तहत कितनी राशि की देनदारी लंबित है, कितने लाभार्थियों अथवा संबंधित पक्षों को भुगतान किया जा चुका है। सरकार की ओर से विभागों से मांगी गई रिपोर्ट में लंबित बिलों और सबसिडी की मदवार जानकारी शामिल की जा रही है। जानकारी है कि लंबित देनदारियों की वास्तविक स्थिति सामने लाकर उन्हें चरणबद्ध तरीके से निपटाने के लिए यह जानकारी मांगी गई है। इससे विभागों में लंबे समय से लंबित भुगतान के कारण प्रभावित किसानों और बागवानों को राहत मिलेगी।
जानकारी के अनुसार कृषि विभाग में सीड, अदरक समेत अन्य कृषि सामग्री और योजनाओं से जुड़े भुगतान की राशि लंबित होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्राथमिकता के आधार पर लंबित राशि का भुगतान करने की योजना है। वहीं, सोलर फेंसिंग को लेकर विभागीय स्तर पर लंबित भुगतान की अदायगी पूरी किए जाने की योजना है। उधर, बागवानी विभाग में एंटी हेल नैट, कृषि-बागवानी उपकरणों सहित अन्य योजनाओं के तहत दी जाने वाली सबसिडी की राशि भी लंबित बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार बागवानी विभाग में करीब 15 करोड़ रुपए की देनदारी लंबित है। किसान व बागवान भी लंबे समय से सरकार से सबसिडी व अन्य लंबित राशि की अदायगी की मांग कर रहे हैं। जानकारी है कि पशुपालकों के दूध की भी सरकार के पास करीब 30 करोड़ रुपए की राशि लंबित है।