Edited By Vijay, Updated: 07 Apr, 2026 04:09 PM

हमीरपुर जिला के बड़सर उपमंडल के समोह गांव की एक 2 वर्षीय मासूम बच्ची प्रियांशी एक गंभीर और रहस्यमयी बीमारी से जंग लड़ रही है। जब भी यह बीमारी उभरती है तो उसका नन्हा शरीर पीला पड़ जाता है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है।
बड़सर (अशोक): हमीरपुर जिला के बड़सर उपमंडल के समोह गांव की एक 2 वर्षीय मासूम बच्ची प्रियांशी एक गंभीर और रहस्यमयी बीमारी से जंग लड़ रही है। जब भी यह बीमारी उभरती है तो उसका नन्हा शरीर पीला पड़ जाता है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। प्रियांशी का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। दिहाड़ी-मजदूरी कर गुजारा करने वाले परिवार ने अपनी सारी जमा-पूंजी बेटी के इलाज पर खर्च कर दी है, लेकिन अब वे आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं और उन्होंने मदद के लिए गुहार लगाई है।
प्रियांशी की मां पल्लवी शर्मा ने बताया कि पिछले 2 साल से वे अपनी बेटी का इलाज करवा रहे हैं। इलाज पर लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन प्रियांशी अभी तक पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाई है। अब स्थिति यह है कि उन्हें सप्ताह में दो से तीन बार अपनी बेटी को लेकर पीजीआई चंडीगढ़ जाना पड़ता है, जो उनके लिए आर्थिक और मानसिक रूप से बहुत कष्टकारी है।
पल्लवी शर्मा ने नम आंखों से कहा कि जो कुछ भी हमारे पास था, हमने सब बेटी के इलाज में लगा दिया, लेकिन अब हमारे पास और हिम्मत या पैसा नहीं है कि हम इलाज जारी रख सकें। पल्लवी ने बताया कि उनके पति दिहाड़ी-मजदूरी करते हैं, लेकिन बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने से उनका काम भी प्रभावित हो रहा है, जिससे घर चलाना भी मुश्किल हो गया है।
इस बेबस परिवार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू, सरकार और समाज के दानी सज्जनों से अपनी बेटी की जान बचाने के लिए आर्थिक मदद की अपील की है। पल्लवी ने स्थानीय विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल द्वारा की गई मदद के लिए भी आभार जताया है।
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