Edited By Swati Sharma, Updated: 16 May, 2026 04:48 PM

Hamirpur News : संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘ज्ञान भारतम’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत देश की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, दस्तावेजीकरण एवं अभिलेखीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिला भाषा अधिकारी संतोष कुमार पटियाल ने...
Hamirpur News : संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘ज्ञान भारतम’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत देश की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, दस्तावेजीकरण एवं अभिलेखीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिला भाषा अधिकारी संतोष कुमार पटियाल ने बताया कि हमारे देश में आज भी अनेक प्राचीन एवं दुर्लभ पांडुलिपियां आम घरों, मंदिरों, मठों, निजी परिवारों, संस्थाओं तथा विभिन्न समुदायों के पास सुरक्षित हैं, किन्तु उनका अभी तक कोई आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार नहीं हो पाया है। अब संस्कृति मंत्रालय ने इन अमूल्य सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए ‘ज्ञान भारतम’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान आरंभ किया है।
पंजीकरण के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी
संतोष कुमार पटियाल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, परिवार, संस्था अथवा समुदाय के पास किसी भी प्रकार की पांडुलिपियां, हस्तलिखित ग्रंथ, पुराने दस्तावेज अथवा ऐतिहासिक अभिलेख उपलब्ध हैं और अभी तक सूचीबद्ध या पंजीकृत नहीं हुए हैं, तो वे इसकी सूचना जिला भाषा अधिकारी कार्यालय हमीरपुर को उपलब्ध करवाएं। इनके पंजीकरण के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
साहित्य प्रेमियों से सहयोग की अपील
जिला भाषा अधिकारी ने बताया कि ‘ज्ञान भारतम’ मोबाइल ऐप एवं आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी लोग ऑनलाइन सर्वेक्षण में भाग लेकर पांडुलिपियों का पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत की समृद्ध पांडुलिपि परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और साहित्य प्रेमियों से इस अभियान में सहयोग की अपील की है।
प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें