Bilaspur News: सरकारी टैंडर के नाम पर शातिर ने खेला ठगी का खेल, स्कूटी एजैंसी संचालक को लगा लाखों रुपए का चूना

Edited By Vijay, Updated: 22 Jul, 2026 07:07 PM

scooty agency operator duped in the name of government tender

आजकल ठग लोगों को लूटने के लिए नए-नए और बेहद शातिर तरीके अपना रहे हैं। ऐसा ही एक गजब का मामला बिलासपुर जिले के घुमारवीं से सामने आया है, जहां एक शातिर ने सरकारी टैंडर झांसा देकर एक इलैक्ट्रिक स्कूटी एजैंसी के संचालक को लाखों रुपए का चूना लगा दिया।

घुमारवीं (जम्वाल): आजकल ठग लोगों को लूटने के लिए नए-नए और बेहद शातिर तरीके अपना रहे हैं। ऐसा ही एक गजब का मामला बिलासपुर जिले के घुमारवीं से सामने आया है, जहां एक शातिर ने सरकारी टैंडर झांसा देकर एक इलैक्ट्रिक स्कूटी एजैंसी के संचालक को लाखों रुपए का चूना लगा दिया। आरोपी बड़ी ही चालाकी से शोरूम से 8 इलैक्ट्रिक स्कूटी हड़प कर चंपत हो गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस धोखाधड़ी का शिकार घुमारवीं स्थित एक इलैक्ट्रिक स्कूटी एजैंसी के संचालक रामस्वरूप हुए हैं। रामस्वरूप मूल रूप से मंडी जिले की बल्द्वाड़ा तहसील के गांव समैला के रहने वाले हैं। उन्होंने थाना घुमारवीं में दी गई अपनी शिकायत में बताया कि कुछ समय पहले नितिश शर्मा नामक एक व्यक्ति उनके शोरूम पर आया। उसने खुद को नंदन कॉन्ट्रैक्टर एंड सप्लायर से जुड़ा हुआ सरकारी ठेकेदार बताया। आरोपी ने बहुत ही पेशेवर तरीके से बातचीत कर कारोबारी का विश्वास जीता और दावा किया कि उसे सरकारी विभाग में इलैक्ट्रिक स्कूटी की आपूर्ति का एक बड़ा टैंडर मिला है।

व्यापारी को बड़ा ऑर्डर मिलने की उम्मीद थी, जिसका फायदा शातिर ने बखूबी उठाया। शिकायत के मुताबिक 19 से 24 जून, 2026 के बीच आरोपी ने सरकारी खरीद की कागजी प्रक्रिया का हवाला देकर अलग-अलग समय पर शोरूम से 8 इलैक्ट्रिक स्कूटी अपने कब्जे में ले लीं। उसने एजैंसी संचालक को पूरा आश्वासन दिया कि सरकारी प्रक्रिया पूरी होते ही स्कूटियों का एकमुश्त भुगतान कर दिया जाएगा।

जब काफी समय बीत जाने के बाद भी पेमैंट नहीं आई तो एजैंसी संचालक रामस्वरूप को शक हुआ। उन्होंने आरोपी नितिश शर्मा से टैंडर से जुड़े सरकारी दस्तावेज मांगे। दस्तावेज मांगने पर आरोपी बहानेबाजी और टालमटोल करने लगा। जब व्यापारी ने अपने स्तर पर इसकी छानबीन की तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि आरोपी के पास किसी भी सरकारी विभाग का कोई वैध टैंडर या ठेका था ही नहीं। खुद को ठगा महसूस होने पर पीड़ित ने तुरंत पुलिस की शरण ली।

इस मामले की पुष्टि करते हुए एसपी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। आरोपी नितिश शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी से जुड़ी संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब गहराई से इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस शातिर ठग ने सरकारी टैंडर का झांसा देकर किसी अन्य कारोबारी को भी अपना शिकार तो नहीं बनाया है।

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