Edited By Vijay, Updated: 17 Apr, 2026 11:40 PM

हिमाचल प्रदेश में होने वाले पंचायती राज चुनावों को लेकर जिला परिषद अध्यक्ष पदों का आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया है। जारी अधिसूचना के अनुसार इस बार 12 जिलों में से 6 जिला परिषद अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं....
शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में होने वाले पंचायती राज चुनावों को लेकर जिला परिषद अध्यक्ष पदों का आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया है। जारी अधिसूचना के अनुसार इस बार 12 जिलों में से 6 जिला परिषद अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिससे महिला नेतृत्व को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रोस्टर के तहत सिरमौर और सोलन जिला परिषद अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि मंडी जिला परिषद अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति वर्ग के हिस्से में आया है। किन्नौर जिला परिषद अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है, वहीं लाहौल-स्पीति में यह पद अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग के लिए तय किया गया है। कांगड़ा जिला परिषद अध्यक्ष पद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा हमीरपुर और चम्बा जिला परिषद अध्यक्ष पद सामान्य महिला वर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं शिमला, कुल्लू, ऊना और बिलासपुर जिला परिषद अध्यक्ष पद सामान्य (ओपन) श्रेणी में रखे गए हैं, जहां सभी वर्गों के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगे।
प्रदेशभर में चुनावी सरगर्मियां तेज
आरक्षण सूची जारी होने के साथ ही प्रदेशभर में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी को मजबूत करने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कई जिलों में आरक्षण के अनुसार नए राजनीतिक समीकरण उभरने लगे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर बैठकों और संपर्क अभियानों का दौर भी बढ़ गया है। जिला परिषद अध्यक्ष पदों का आरक्षण पंचायत चुनावों में अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि इससे न केवल उम्मीदवारों की दावेदारी प्रभावित होती है, बल्कि पूरे चुनावी गणित पर इसका सीधा असर पड़ता है। ऐसे में सभी दलों और संभावित प्रत्याशियों की नजर अब इन सीटों पर टिक गई है और वे अपने-अपने स्तर पर समीकरण साधने में जुट गए हैं।
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