Edited By Vijay, Updated: 25 Aug, 2026 05:58 PM

खाद्य प्रसंस्करण और सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। नई दिल्ली में भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित पीएमएफएमई कॉन्क्लेव-2026 में हिमाचल प्रदेश को मध्यम...
शिमला (ब्यूरो): खाद्य प्रसंस्करण और सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। नई दिल्ली में भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित पीएमएफएमई कॉन्क्लेव-2026 में हिमाचल प्रदेश को मध्यम राज्य श्रेणी में द्वितीय रनर-अप पुरस्कार से नवाजा गया है।
यह प्रतिष्ठित सम्मान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने हिमाचल प्रदेश के उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक रमेश वर्मा को प्रदान किया। राज्य स्तर के इस पुरस्कार के अलावा, योजना के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए शिमला के जिला नोडल अधिकारी संजय कंवर को सर्वश्रेष्ठ जिला नोडल अधिकारी और रविंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ जिला रिसोर्स पर्सन के राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में पीएमएफएमई योजना के तहत अब तक शानदार काम हुआ है। राज्य में 191.73 करोड़ रुपए की कुल परियोजना लागत वाले 2,906 ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें उद्यमियों को 73.17 करोड़ रुपए की भारी-भरकम सबसिडी सहायता दी गई है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के 16,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहके सदस्यों को 59.29 करोड़ रुपए की सीड कैपिटल (शुरुआती पूंजी) भी प्रदान की गई है। राज्य में सूक्ष्म उद्यमों को तकनीकी सहायता और बढ़ावा देने के लिए पालमपुर, कुकुमसेरी और नौणी में 3 आधुनिक इनक्यूबेशन सैंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती : हर्षवर्धन चौहान
इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके तहत महिला-नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर व मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें