Solan: नौणी विश्वविद्यालय में प्रो. प्रेम लाल गौतम को 'साइटेशन ऑफ ऑनर' से किया सम्मानित

Edited By Vijay, Updated: 07 Jul, 2026 08:11 PM

professor prem lal gautam received the citation of honor award

डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी ने अपने विशिष्ट पूर्व छात्र और पूर्व संकाय प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. प्रेम लाल गौतम को भारतीय कृषि, कृषि अनुसंधान, शिक्षा एवं कृषि नीति निर्माण के क्षेत्र में उनके असाधारण...

सोलन (ब्यूराे): डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी ने अपने विशिष्ट पूर्व छात्र और पूर्व संकाय प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. प्रेम लाल गौतम को भारतीय कृषि, कृषि अनुसंधान, शिक्षा एवं कृषि नीति निर्माण के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए विश्वविद्यालय का 'साइटेशन ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में प्रो. गौतम एवं कमला गौतम का पारंपरिक हिमाचली स्वागत किया गया। इसके उपरांत कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचएस बवेजा ने यह सम्मान विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में आयोजित विशेष समारोह के दौरान प्रदान किया।

प्रो. गौतम सोलन स्थित कृषि महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं तथा उन्होंने विश्वविद्यालय में वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता के रूप में भी अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं। 5 दशकों से अधिक लंबे अपने गौरवपूर्ण कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारतीय कृषि के अनेक सर्वोच्च पदों पर कार्य किया, जिनमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के निदेशक, पौध किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। वर्तमान में वे डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (बिहार) के कुलाधिपति हैं। हाल ही में उन्हें विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी उन्हें 'हिमाचल गौरव पुरस्कार' से सम्मानित किया है।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. एचएस बवेजा ने कहा कि यह समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास का एक गौरवपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि प्रो. गौतम का सम्मान केवल एक प्रख्यात वैज्ञानिक का सम्मान नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के ऐसे प्रेरणास्रोत पूर्व छात्र एवं पूर्व संकाय का सम्मान है, जिनकी उपलब्धियाँ निरंतर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ा रही हैं। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रो. गौतम के साथ अपने आत्मीय संबंधों पर गर्व करता है तथा उत्कृष्टता, नवाचार और समाज सेवा के उन आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रो. प्रेम लाल गौतम ने इस सम्मान के लिए विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस संस्थान में उन्होंने पढ़ाई और अध्यापन किया, वहाँ पुनः लौटना उनके लिए अत्यंत भावुक एवं अविस्मरणीय अनुभव है। विश्वविद्यालय की उल्लेखनीय प्रगति की सराहना करते हुए उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं पूर्व छात्रों से संस्थान की निरंतर उन्नति और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया। प्रो. गौतम ने देश के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को भारतीय कृषि की सफलता का वास्तविक आधार बताते हुए कहा कि आज कृषि क्षेत्र में जो उपलब्धियाँ प्राप्त हुई हैं, वे किसानों की मेहनत, वैज्ञानिकों के नवाचार और दोनों के समर्पित प्रयासों का परिणाम हैं। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और निरंतर परिश्रम, अनुशासन तथा दृढ़ संकल्प ही जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। कृषि अनुसंधान की बदलती आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने सशक्त एवं समन्वित शोध दलों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों, विशेषकर जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्वानुमान आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र का भविष्य सार्वजनिक-निजी सहभागिता में निहित है, जिसके लिए प्रेरित, दक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन का विकास अत्यंत आवश्यक है।

प्रो. गौतम ने विद्यार्थियों एवं युवा पेशेवरों से योग, ध्यान तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि उत्कृष्ट व्यावसायिक उपलब्धियों के साथ-साथ स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और अनुशासित जीवन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपने शिक्षण संस्थान तथा पेशेवर समुदाय से निरंतर जुड़े रहने का आग्रह करते हुए कहा कि मजबूत संबंध और सामूहिक प्रयास ही संस्थागत विकास एवं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। इस अवसर पर इंडियन फार्मर एलायंस (आईएफए) तथा विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक संघ ने भी प्रो. गौतम को कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. एस.के. भारद्वाज द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

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