Shimla: आऊटसोर्स कर्मचारियों का विधानसभा के बाहर हल्ला बोल, सरकार को 2 महीने का अल्टीमेटम

Edited By Vijay, Updated: 25 Aug, 2026 04:42 PM

outsourced employees protesting outside the assembly

हिमाचल प्रदेश संयुक्त आऊटसोर्स कर्मचारी संघ के आह्वान पर मंगलवार को विधानसभा के बाहर चौड़ा मैदान में हजारों कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।

शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश संयुक्त आऊटसोर्स कर्मचारी संघ के आह्वान पर मंगलवार को विधानसभा के बाहर चौड़ा मैदान में हजारों कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। संघ के संयोजक अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में हुए इस शक्ति प्रदर्शन में कर्मचारियों ने सरकार को अपनी तीन प्रमुख मांगें पूरी करने के लिए दो महीने का अल्टीमेटम दिया है। मंगलवार सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस प्रदर्शन में विभिन्न विभागों के लगभग 1600 से 1700 आऊटसोर्स कर्मचारी एकत्रित हुए। लगातार बढ़ती भीड़ के कारण चौड़ा मैदान में जगह कम पड़ गई, जिससे प्रदर्शनकारी रेलिंग और आने-जाने वाले रास्तों पर भी डट गए। यातायात को सुचारू रखने के लिए प्रशासन को ट्रैफिक वन-वे करना पड़ा। स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं।

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ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि तय अवधि में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होंगे। उनकी मुख्य मांगों में आऊटसोर्स कर्मचारियों के लिए 58 वर्ष तक नौकरी की सुरक्षा हेतु स्थायी एवं पारदर्शी नीति बनाई जाए। समान काम-समान वेतन लागू किया जाए और सेवा के दौरान दिवंगत एवं दिव्यांग हुए कर्मचारियों के परिवारों को न्याय एवं उचित लाभ प्रदान किए जाएं।

25 हजार आऊटसोर्स कर्मचारी दे रहे सेवाएं
वर्तमान में राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में लगभग 25 हजार आऊटसोर्स कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारी पिछले 15 से 20 वर्षों से कार्यरत हैं। कर्मचारियों का दर्द है कि इतने लंबे समय तक काम करने के बावजूद उन्हें यह पता नहीं होता कि अगले महीने उनकी नौकरी रहेगी या नहीं। ज्यादातर कर्मचारियों को मात्र 12 हजार रुपए का नाममात्र मासिक मानदेय दिया जा रहा है। कम मानदेय और नौकरी की असुरक्षा के कारण इन परिवारों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ये कर्मचारी पिछले एक दशक से अपने लिए नीति बनाने की मांग कर रहे हैं। पूर्व सरकार के कार्यकाल में भी इन्होंने लंबा आंदोलन किया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

कर्मचारी अब अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं : अश्वनी शर्मा 
आऊटसोर्स कर्मचारी संघ के कन्वीनर अश्वनी शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कर्मचारी अब अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस शोषित वर्ग के हित में अच्छे फैसले ले रहे हैं और आऊटसोर्स कर्मचारियों को भी उनसे बहुत उम्मीदें हैं।

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