Edited By Swati Sharma, Updated: 02 Aug, 2026 03:49 PM

Dharamshala News : हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत राज्य को मिलने वाले 1,227 करोड़ रुपये रोक रखे हैं, जिसके कारण पेयजल से जुड़ी कई परियोजनाओं में देरी हो रही है...
Dharamshala News : हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत राज्य को मिलने वाले 1,227 करोड़ रुपये रोक रखे हैं, जिसके कारण पेयजल से जुड़ी कई परियोजनाओं में देरी हो रही है और ठेकेदारों का भुगतान भी अटका हुआ है।
अग्निहोत्री ने कांगड़ा जिले के फतेहपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को जल जीवन मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश को लगभग 6,000 करोड़ रुपये जारी करने थे, लेकिन राज्य द्वारा सभी ज़रूरी शर्तों और औपचारिकताओं को पूरा करने के बावजूद 1,227 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं ताकि विकास कार्य न रुकें। उन्होंने कहा कि केंद्रीय फंड मिलने में देरी के कारण कई ठेकेदारों को अभी भी उनकी बकाया राशि नहीं मिली है। राज्य भर में पीने के पानी की योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए बकाया राशि का भुगतान होना बहुत ज़रूरी है।
उपमुख्यमंत्री ने पिछली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने राजनीतिक लाभ लेने के प्रयास में विधानसभा चुनाव से पहले दावा किया था कि राज्य में जल जीवन मिशन पूरा हो गया है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और थी। उन्होंने दावा किया कि मिशन अधूरा है, तीन प्रमुख पेयजल परियोजनाएं, जिनमें से प्रत्येक की लागत लगभग 100 करोड़ रुपये है, अभी भी निष्पादन के प्रारंभिक चरण में हैं। मिशन के तहत आधे से ज्यादा पेयजल योजनाएं 80 फीसदी भी पूरी नहीं हो पाई हैं।
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