Edited By Vijay, Updated: 23 Jun, 2026 07:11 PM

चम्बा जिले की दुर्गम पांगी घाटी को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण जीवनरेखा बैरागढ़-सचे जोत दर्रा-किलाड़ मार्ग एक बार फिर प्रकृति की मार का शिकार हुआ है।
तीसा (सुभान दीन): चम्बा जिले की दुर्गम पांगी घाटी को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण जीवनरेखा बैरागढ़-सचे जोत दर्रा-किलाड़ मार्ग एक बार फिर प्रकृति की मार का शिकार हुआ है। सोमवार देर रात सचे जोत दर्रे के पास भारी ग्लेशियर और चट्टानें गिरने से यह अहम मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया, जिससे यात्रियों की सांसें हलक में अटक गईं।
देर रात हुए इस भूस्खलन और ग्लेशियर गिरने की भनक लोगों को मंगलवार सुबह लगी। सुबह जब राहगीरों और वाहन चालकों ने सड़क पर मलबे का पहाड़ देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आवाजाही पूरी तरह ठप्प होने के कारण दर्जनों गाड़ियां बीच रास्ते में ही फंस गईं। उच्च पर्वतीय क्षेत्र और भीषण ठंड होने के कारण पर्यटकों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और वे घंटों तक सड़क खुलने के इंतजार में ठंड में ठिठुरते रहे।
मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही पांगी लोक निर्माण विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई। विभाग ने बिना एक भी पल गंवाए अपने ऑप्रेटरों को मोर्चे पर लगा दिया। एक डोजर और एलएनटी मशीन की मदद से सड़क से मलबा और ग्लेशियर हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया। कर्मचारियों की इस कड़ी मेहनत ने रंग दिखाया और मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे सड़क को यातायात के लिए पूरी तरह बहाल कर दिया गया। मार्ग खुलते ही ठंड में फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली और वाहनों को धीरे-धीरे उनकी मंजिल की ओर रवाना किया गया।
लोक निर्माण विभाग के एसई ने बताया कि हमें जैसे ही मार्ग बंद होने की सूचना मिली, हमने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया। मशीनरी और कर्मचारियों की तत्परता से मार्ग को अब यातायात के लिए पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है।
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