Edited By Vijay, Updated: 21 Aug, 2026 08:14 PM

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में धर्मशाला के भाजपा विधायक सुधीर शर्मा शुक्रवार को शिमला के खलीणी स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके समर्थन में बड़ी संख्या में कार्यकर्त्ता भी विजीलैंस...
शिमला (संतोष): भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में धर्मशाला के भाजपा विधायक सुधीर शर्मा शुक्रवार को शिमला के खलीणी स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके समर्थन में बड़ी संख्या में कार्यकर्त्ता भी विजीलैंस मुख्यालय के बाहर जुटे रहे। इससे पहले मंगलवार को धर्मशाला में भी उनसे करीब अढ़ाई घंटे तक पूछताछ की गई थी, जहां उन्होंने बीएनएस की धारा 35 के तहत जारी नोटिस का लिखित जवाब सौंपा था।
विजिलैंस ने प्राथमिक जांच में विधायक और उनके परिवार से जुड़े कई वित्तीय रिकॉर्ड मांगे थे, जिन्हें पेश करने के लिए उन्होंने अतिरिक्त समय मांगा था, जिसमें वित्तीय लेन-देन जैसे शेयरों और प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री, डीमैट खाते और बैंकिंग ट्रेल, देश और विदेश में मौजूद सभी चल-अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और वाहनों के वित्तपोषण का पूरा रिकॉर्ड, अनसिक्योर्ड लोन, बैंक खाते और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों की विस्तृत जानकारी शामिल रही। पूर्व सूचना के बावजूद इन दस्तावेजों के तय समय पर पेश न होने के कारण ही विजीलैंस ने अब उन्हें शिमला स्थित मुख्यालय में आगे की पूछताछ के लिए तलब किया है।
ऐसी कार्रवाइयों से नहीं दब सकती विपक्ष की आवाज
सुधीर शर्मा ने विधानसभा सत्र के बीच उन्हें पूछताछ के लिए बुलाए जाने को अभूतपूर्व बताते हुए सवाल उठाया कि जब मूल मामला और संबंधित दस्तावेज धर्मशाला में हैं, तो उन्हें शिमला बुलाने की इतनी जल्दबाजी क्यों है? शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने और सदन में विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए जांच एजैंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उनका कहना है कि सरकार ऐसी कार्रवाइयों से विपक्ष की आवाज को दबा नहीं सकती। विधायक ने स्पष्ट किया कि वह कानून का सम्मान करते हैं और मांगे गए सभी तथ्यों व दस्तावेजों के साथ जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें