Shimla: लॉ यूनिवर्सिटी के छात्र ने किया आत्महत्या का प्रयास, वीडियो में विश्वविद्यालय प्रशासन व अन्य छात्रों पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

Edited By Vijay, Updated: 30 Sep, 2026 07:34 PM

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां लॉ यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया है।

शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां लॉ यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया है। इस खौफनाक कदम को उठाने से पहले छात्र का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रोता हुआ नजर आ रहा है और उसने विश्वविद्यालय प्रशासन व अन्य लोगों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। आत्महत्या के प्रयास के बाद छात्र को आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां फिलहाल वह उपचाराधीन है।

वीडियो में रोते हुए माता-पिता और बहन से माफी मांगी 
सामने आए वीडियो में छात्र ने अपना नाम निखिल प्रकाश बताया है, जो लॉ यूनिवर्सिटी में तृतीय वर्ष का छात्र है। उसने रोते हुए माता-पिता और बहन से माफी मांगी है और कहा है कि वह कमजोर नहीं है, लेकिन यूनिवर्सिटी ने उसे बुरी तरह परेशान कर दिया है। छात्र का दावा है कि उसके ही बैच के कुछ छात्रों साहिल, रोहित व प्रभात आदि ने साजिश के तहत उसके खिलाफ झूठी एफआईआर और एंटी-रैगिंग की झूठी शिकायत दर्ज करवाई है। छात्र ने वीडियो में स्पष्ट कहा कि उसके पास अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत मौजूद हैं। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और वाइस चांसलर उसकी कोई बात नहीं सुन रहे हैं। छात्र ने बताया कि पिछले एक महीने से उसे लगातार थानों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। धमकियों और करियर खराब होने के डर से वह भारी मानसिक तनाव में आ गया। निखिल ने अपने इस आत्मघाती कदम के लिए सीधे तौर पर झूठी शिकायत करने वाले छात्रों, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और वीसी को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने इस पूरे मामले पर संज्ञान ले लिया है और आत्महत्या के प्रयास के असल कारणों की गहन जांच कर रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने जारी किया स्पष्टीकरण
उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोशल मीडिया पर रैगिंग की कथित घटना से संबंधित प्रसारित हो रही सामग्री पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि शिकायत पर सक्षम प्राधिकारी एंटी-रैगिंग नियमों और लागू कानूनों के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं तथा अब तक कोई अंतिम निष्कर्ष अथवा निर्णय नहीं लिया गया है। विश्वविद्यालय के अनुसार उसे निखिल प्रकाश और अन्य लोगों पर रैगिंग किए जाने के आरोपों से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई हैं। शिकायत फिलहाल विश्वविद्यालय के सक्षम अधिकारियों के विचाराधीन है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप इसकी जांच की जा रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। विश्वविद्यालय ने यह भी बताया कि शिकायतकर्त्ता ने स्वतंत्र रूप से अर्की पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज करवाई है। वहीं, एंटी-रैगिंग नियमों के तहत विश्वविद्यालय ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मामले की जानकारी धामी पुलिस चौकी को भी दी है।

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