Edited By Vijay, Updated: 11 Aug, 2026 03:26 PM

हिमाचल प्रदेश में जारी बरसात के मौसम में पहाड़ी मार्गों पर सफर करना लगातार चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा होता जा रहा है। भारी बारिश के कारण पहाड़ियां कमजोर होकर दरक रही हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ऊना (मनोहर): हिमाचल प्रदेश में जारी बरसात के मौसम में पहाड़ी मार्गों पर सफर करना लगातार चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा होता जा रहा है। भारी बारिश के कारण पहाड़ियां कमजोर होकर दरक रही हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मंगलवार को ऊना जिले के थानाकलां-भाखड़ा सड़क मार्ग पर भी एक ऐसा ही खौफनाक मंजर देखने को मिला, जब कोलका गांव के समीप अचानक एक पहाड़ी दरक गई और सवारियों से भरी हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस दलदल में फंस गई। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ।
चालक की सूझबूझ आई काम
जानकारी के मुताबिक एचआरटीसी ऊना डिपो की एक बस मैहरे से थानाकलां-भाखड़ा होते हुए नंगल की ओर जा रही थी। जैसे ही बस कोलका गांव के समीप पहुंची, अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा सड़क पर आ गिरा। देखते ही देखते सड़क का वह हिस्सा दलदल में तब्दील हो गया और बस उसी मलबे में फंस गई। इससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन बस चालक ने त्वरित सूझबूझ और स्थिति को भांपते हुए बस को नियंत्रण में रखा, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
जीसीबी से मलबा हटाकर बस को निकाला सुरक्षित
पहाड़ी दरकने और सड़क पर दलदल बन जाने के कारण थानाकलां-भाखड़ा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप्प हो गई। बस के दलदल में बुरी तरह फंसने के बाद तुरंत प्रशासन और संबंधित विभाग को सूचित किया गया। बस को निकालने और मार्ग को बहाल करने के लिए मौके पर जेसीबी मशीन मंगवाई गई। मशीन की मदद से सड़क पर जमा मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद जब रास्ता थोड़ा साफ हुआ, तब जाकर बस को सुरक्षित मलबे से बाहर निकाला जा सका।
लगातार मंडरा रहा भूस्खलन का खतरा, लोगों ने की सुरक्षा की मांग
गौरतलब है कि बरसात के दौरान थानाकलां-भाखड़ा मार्ग सहित ऊना के अन्य पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ियों की मिट्टी कमजोर पड़ गई है, जिससे अचानक सड़क पर मलबा गिरने की घटनाएं आम हो गई हैं। ऐसे में इन रास्तों से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए सफर बेहद जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों ने संबंधित लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जाए और भविष्य में हादसों को रोकने के लिए वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
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