जिद हाे ताे ऐसी! NDA में अनफिट होने पर भी नहीं मानी हार, सेना में लैफ्टिनैंट बने नगरोटा सूरियां के कुनाल

Edited By Vijay, Updated: 14 Jun, 2026 11:59 AM

kunal jaggi from nagrota surian becomes lieutenant in army

हिमाचल प्रदेश के युवाओं का सेना के प्रति जज्बा किसी से छिपा नहीं है। इसी कड़ी में कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां की ग्राम पंचायत बरयाल के होनहार सपूत कुनाल जग्गी ने अपनी जिद और कड़ी मेहनत के दम पर भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनकर पूरे क्षेत्र का नाम...

नगरोटा सूरियां (नंदपुरी): हिमाचल प्रदेश के युवाओं का सेना के प्रति जज्बा किसी से छिपा नहीं है। इसी कड़ी में कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां की ग्राम पंचायत बरयाल के होनहार सपूत कुनाल जग्गी ने अपनी जिद और कड़ी मेहनत के दम पर भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित भव्य पासिंग आऊट परेड के दौरान उनके कंधों पर सितारे सजे। इस गौरवशाली पल की गवाह देश की राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू बनीं जो समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थीं।

एनडीए में मिली निराशा, फिर भी लक्ष्य से नहीं भटके कुनाल
कुनाल जग्गी की यह सफलता युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। बचपन से ही उनका सपना फाइटिंग फोर्स यानी इन्फैंट्री में जाकर देश की सेवा करने का था। इसके लिए उन्होंने एनडीए (राष्ट्रीय रक्षा अकादमी) का टैस्ट दिया, लेकिन एक मेडिकल त्रुटि के कारण वह बाहर हो गए। इस बड़े झटके के बावजूद कुनाल ने हार नहीं मानी। उन्हें मालूम था कि अगर वह अपनी टैक्निकल स्ट्रीम में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं, तो इन्फैंट्री में जाने का उनका सपना साोकार हो सकता है। अपनी इसी जिद और अथक परिश्रम के दम पर कुनाल ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती। अपनी काबिलियत के दम पर कुनाल जग्गी ने इंडियन फाइटिंग फोर्स की सबसे प्रतिष्ठित और शानदार यूनिट्स में से एक मराठा लाइट इन्फैंट्री में अपनी जगह पक्की की है। इन्फैंट्री में शामिल होने का उनका बचपन का सपना अब हकीकत बन चुका है।

विरासत में मिली देशभक्ति, सुजानपुर टीहरा के रहे हैं होनहार छात्र
कुनाल को सेना में जाने की प्रेरणा अपने घर से ही मिली। उनके पिता मनिंदर सिंह खुद भारतीय सेना से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि माता वंदना एक कुशल गृहिणी हैं। शिक्षा की बात करें तो कुनाल शुरू आत से ही एक मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा से पढ़ाई की है। वहां भी अपने शानदार और ऑलराऊंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रतिष्ठित गोल्डन टॉर्च सम्मान से नवाजा गया था। एक फौजी के बेटे का सेना में अफसर बनने और वो भी प्रतिष्ठित मराठा लाइट इन्फैंट्री में शामिल होने की खबर जैसे ही नगरोटा सूरियां और पंचायत बरयाल में पहुंची, वहां खुशी की लहर दौड़ गई। लोग कुनाल के परिवार को बधाइयां दे रहे हैं और पूरे क्षेत्र को अपने इस लाल पर गर्व है।

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