कई समस्याओं से जूझ रहे किन्नौर के सेब किसान, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

Edited By Swati Sharma, Updated: 14 Sep, 2026 09:35 AM

kinnaur apple farmers grappling with multiple problems

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर के पूह क्षेत्र में कम सिंचाई सुविधाओं, बढ़ती लागत और कोल्ड स्टोरेज कंपनियों के काम में कथित पारदर्शिता की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे सेब किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार...

Kinnaur News : हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर के पूह क्षेत्र में कम सिंचाई सुविधाओं, बढ़ती लागत और कोल्ड स्टोरेज कंपनियों के काम में कथित पारदर्शिता की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे सेब किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए एक ज्ञापन सौंपा है।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

‘पूह ब्लॉक एप्पल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन' के संयोजक जीता सिंह नेगी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पूह के अपर जिलाधिकारी से मुलाकात की और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। इन सेब किसानों ने भुगतान में देरी, अनधिकृत कटौतियों, अपर्याप्त सरकारी विपणन सुविधाओं और उचित दरों पर गुणवत्तापूर्ण कृषि-बागवानी इनपुट प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। एसोसिएशन ने मंडियों, कोल्ड स्टोर और निजी खरीद केंद्रों पर तौल, ग्रेडिंग और भुगतान के लिए पारदर्शी प्रणाली की मांग की है। साथ ही, सेब किसानों के हितों की रक्षा के लिए निर्धारित यूनिवर्सल काटर्न मानकों और प्रमाणित तौल व माप प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। बागवानों का कहना है कि बढ़ते इनपुट और उत्पादन खर्च के कारण उनके लिए अपनी आजीविका चलाना कठिन हो गया है। सिंचाई को लेकर गहरी चिंता जताते हुए एसोसिएशन ने पूह ब्लॉक के लिए एक विशेष सिंचाई बजट की मांग की, जिसमें पारंपरिक जल स्रोतों के पुनरुद्धार और क्षेत्र में कृषि व बागवानी को प्रभावित कर रहे जल संकट से निपटने के लिए नई लिफ्ट-इरिगेशन योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

किसानों को बाजारों तक मिलेगी बेहतर पहुंच

इसके अलावा, किसानों ने तापरी की तर्ज पर पूह ब्लॉक में एक सरकारी फल और सब्जी बिक्री व विपणन केंद्र स्थापित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे स्थानीय किसानों को बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी और निजी खरीदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। एसोसिएशन ने पात्र किसानों के लिए वन अधिकार अधिनियम और नौतोड़ से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी लाने की मांग की। साथ ही, कृषि-बागवानी इनपुट पर सब्सिडी बहाल करने और उचित दरों पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक, बीज, पौधे, कीटनाशक व फफूंदनाशक उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने किन्नौरी सेब के भौगोलिक संकेतक टैग के लाभ और उसके प्रभावी उपयोग की प्रक्रिया के बारे में ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। 

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