Edited By Vijay, Updated: 24 Jul, 2026 03:48 PM

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के गोहर में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलैंस) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विजिलैंस टीम ने जमीन के नामांतरण (म्यूटेशन) की एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में राजस्व विभाग के 3 कर्मचारियों...
गोहर (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के गोहर में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलैंस) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विजिलैंस टीम ने जमीन के नामांतरण (म्यूटेशन) की एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में राजस्व विभाग के 3 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक कानूनगो, एक पटवारी और एक पटवारी सहायक शामिल हैं।
एक लाख रुपए लेते रंगे हाथ धरा गया सहायक
जानकारी के अनुसार विजिलैंस टीम ने पहले पटवारी सहायक ललित कुमार को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसके तुरंत बाद, मामले में संलिप्तता के चलते कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान को भी हिरासत में ले लिया गया। विजिलैंस ने दोनों से कड़ी पूछताछ की और उसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।
2 लाख रुपए में तय हुआ था सौदा
इस पूरी कार्रवाई को पूर्ण चंद नामक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर अंजाम दिया गया। शिकायतकर्त्ता ने विजिलैंस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि उसकी जमीन का म्यूटेशन (नामांतरण) करने के एवज में राजस्व अधिकारियों द्वारा 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। आरोप था कि यह डिमांड कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान ने रखी थी।
जाल बिछाकर ऐसे धरे गए आरोपी
साजिश के तहत रिश्वत की पहली किस्त (1 लाख रुपए) वसूलने के लिए कानूनगो और पटवारी ने अपने सहायक ललित कुमार को भेजा था। शिकायत का सत्यापन होने के बाद विजिलैंस टीम ने पूरी योजना के साथ जाल बिछाया। जैसे ही सहायक ललित कुमार ने शिकायतकर्त्ता से एक लाख रुपए की नकदी पकड़ी, विजिलैंस की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
रिटायरमैंट से ठीक पहले नपा कानूनगो
इस मामले में एक हैरान करने वाली बात यह भी सामने आई है कि रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया कानूनगो बंसी लाल जल्द ही अपने पद से सेवानिवृत्तहोने वाला था, लेकिन रिटायरमैंट से पहले ही वह विजिलैंस के हत्थे चढ़ गया और सलाखों के पीछे पहुंच गया। विजिलैंस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाना मंडी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां विजिलैंस उनका पुलिस रिमांड हासिल करने का प्रयास करेगी।
मामले की गहनता से जांच जारी : डीएसपी विजिलैंस
मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी विजिलैंस प्रियंक गुप्ता ने बताया कि मामले की गहनता से जांच जारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिश्वत मांगने के इस पूरे खेल में किसकी क्या भूमिका थी और क्या इस मामले में विभाग के कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं।
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