HRTC की नई इलैक्ट्रिक बस को चंडीगढ़ में रोका, कंडक्टर यूनियन ने CTU को दे डाली ये बड़ी चेतावनी

Edited By Vijay, Updated: 14 Aug, 2026 06:51 PM

hrtc electric bus stopped in chandigarh union warns ctu buses ban in himachal

हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) द्वारा लंबी दूरी के रूटों पर शुरू की गई नई इलैक्ट्रिक बस सेवा विवादों में घिर गई है। शिमला-चंडीगढ़ रूट पर भेजी गई एचआरटीसी की ई-बस को चंडीगढ़ में रोके जाने के बाद.....

शिमला (संतोष): हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) द्वारा लंबी दूरी के रूटों पर शुरू की गई नई इलैक्ट्रिक बस सेवा विवादों में घिर गई है। शिमला-चंडीगढ़ रूट पर भेजी गई एचआरटीसी की ई-बस को चंडीगढ़ में रोके जाने के बाद एचआरटीसी और चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।

चंडीगढ़ में एक घंटे तक रोकी गई ई-बस, नए परमिट की मांग
शुक्रवार को जब एचआरटीसी की नई इलैक्ट्रिक बस शिमला से चंडीगढ़ पहुंची तो चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के अधिकारियों ने उसे रोक लिया। सीटीयू अधिकारियों ने बस को करीब एक घंटे तक रोके रखा और चालक-परिचालक से इस इलैक्ट्रिक बस के संचालन के लिए नए परमिट की मांग की। गौरतलब है कि यह ई-बस इस रूट पर चलने वाली नियमित डीजल बस के स्थान पर ट्रायल या रिप्लेसमेंट के तौर पर भेजी गई थी।

कंडक्टर यूनियन बोली- रूट पुराना है, सिर्फ बस बदली गई
चंडीगढ़ में सीटीयू की इस कार्रवाई से एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन में भारी रोष है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष प्रीत महेंद्र ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया कि निगम ने कोई नया रूट शुरू नहीं किया है। उन्होंने बताया कि शिमला-चंडीगढ़ रूट पहले से ही स्वीकृत है और इसी पुराने परमिट पर केवल डीजल बस की जगह पर्यावरण अनुकूल इलैक्ट्रिक बस को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि जब रूट और परमिट पहले से मौजूद हैं, तो महज बस का प्रकार बदलने पर उसका विरोध करना और कर्मचारियों को रोकना पूरी तरह से समझ से परे है।

...तो हिमाचल में नहीं घुसने देंगे सीटीयू की बसें
इस घटना को लेकर यूनियन अध्यक्ष प्रीत महेंद्र ने सीटीयू प्रबंधन को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में चंडीगढ़ में एचआरटीसी की बसों को इसी तरह बेवजह रोका गया या कर्मचारियों को परेशान किया गया, तो यूनियन कड़ा रुख अपनाने के लिए विवश होगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर जवाबी कार्रवाई करते हुए सीटीयू की बसों को भी हिमाचल प्रदेश की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। यूनियन ने साफ किया है कि यदि ऐसा होता है तो इसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी सीटीयू प्रबंधन की होगी।

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