हिमाचल के वरिष्ठ साहित्यकार केके नूतन का 97 साल की उम्र में निधन, साहित्य जगत में शोक

Edited By Swati Sharma, Updated: 17 May, 2026 12:05 PM

himachal senior litterateur k k nutan passes away age of 97

Mandi News : हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार और लेखक कृष्ण कुमार नूतन (97) का शनिवार शाम मंडी स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे नूतन जी ने शाम सवा सात बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल हिमाचल, बल्कि देशभर के...

Mandi News : हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार और लेखक कृष्ण कुमार नूतन (97) का शनिवार शाम मंडी स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे नूतन जी ने शाम सवा सात बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल हिमाचल, बल्कि देशभर के साहित्य और कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

केके नूतन, जिनका पूरा नाम कृष्ण कुमार नूतन था, हिंदी फिल्म गीत गाया पत्थरों ने से विशेष रूप से चर्चित हुए थे। बताया जाता है कि यह फिल्म उनके उपन्यास यादगार पर आधारित थी। इस फिल्म की कहानी को लेकर उन्होंने एक लंबी कानूनी लड़ाई भी जीती थी। के.के. नूतन जी मंडी के पहले ऐसे साहित्यकार थे, जिनकी कृति वर्ष 1948 में ही प्रकाशित हो गई थी। अपने जीवनकाल में उन्होंने 20 पुस्तकें लिखीं, जिनमें उपन्यासों की संख्या सर्वाधिक है। उनकी ऐतिहासिक कृति 'इतिहास साक्षी है' के लिए उन्हें भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा प्रतिष्ठित 'डॉ. यशवंत सिंह परमार राज्य पुरस्कार' से नवाजा गया था।

साहित्य के अलावा नूतन जी का सामाजिक योगदान भी अविस्मरणीय रहा। वे आईटीआई (ITI) से अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। अपने सेवाकाल के दौरान वे हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के संस्थापक सदस्य रहे और 1970 के ऐतिहासिक कर्मचारी आंदोलन में उन्होंने मुख्य सूत्रधार की भूमिका निभाई थी। उनके निधन से न केवल हिमाचल, बल्कि देशभर के साहित्य और कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

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