Edited By Swati Sharma, Updated: 10 Jul, 2026 11:08 AM

Shimla News : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू के खिलाफ दर्ज एक शिकायत पर स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई कार्यवाही समाप्त कर दी है, जिसमें पालमपुर के एक होटल कारोबारी ने उनपर धमकाने का आरोप लगाया था। मुख्य...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू के खिलाफ दर्ज एक शिकायत पर स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई कार्यवाही समाप्त कर दी है, जिसमें पालमपुर के एक होटल कारोबारी ने उनपर धमकाने का आरोप लगाया था। मुख्य न्यायाधीश जी. एस. संधवालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने कुंडू को होटल कारोबारी निशांत शर्मा के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी रद्द किए जाने संबंधी रिपोर्ट का (कानूनी) विरोध करने की भी अनुमति दी।
उच्च न्यायालय ने 28 अक्टूबर 2023 को शर्मा की ओर से भेजे गए ई-मेल और तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश को दिए गए आवेदन पर स्वत: संज्ञान लिया था, जिसमें कुंडू पर धमकाने का आरोप लगाते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई थी। इन आरोपों को गंभीर मानते हुए उच्च न्यायालय ने 10 नवंबर 2023 को स्थिति रिपोर्ट मांगी थी, क्योंकि शिकायत में आरोप था कि राज्य के सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शिकायतकर्ता को डराने-धमकाने की कोशिश की थी। कुंडू ने कहा कि उनके खिलाफ की गई शिकायतों का कोई ठोस आधार नहीं था और ई-मेल प्रसारित कर उनकी छवि व प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया गया।
अदालत ने यह भी कहा कि एसआईटी की जांच के अनुसार शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर मनगढ़ंत आरोप लगाए। अदालत ने कहा कि एसआईटी इस निष्कर्ष पर पहुंची कि शिकायतकर्ता ने न्यायिक प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल करने, जांच के निष्कर्षों से ध्यान हटाने और कारोबारी विवाद में बढ़त हासिल करने के लिए झूठा मामला दर्ज कराया।
प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें