Edited By Swati Sharma, Updated: 21 May, 2026 11:43 AM
Una News : जिला ऊना में बढ़ते तापमान ( हीट स्ट्रोक) से बचाव को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ संजीव कुमार वर्मा ने एडवायजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि जंगलों में आग लगने के चलते तापमान में वृद्धि हो रही है। इससे हीट स्ट्रोक जानलेवा हो सकता है...
Una News : जिला ऊना में बढ़ते तापमान ( हीट स्ट्रोक) से बचाव को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ संजीव कुमार वर्मा ने एडवायजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि जंगलों में आग लगने के चलते तापमान में वृद्धि हो रही है। इससे हीट स्ट्रोक जानलेवा हो सकता है इसलिए हीट स्ट्रोक/लू लगने व गर्मी से बचाब के लिए सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है।
सुरक्षा उपाय
सीएमओ ने बताया कि गर्मियों के मौसम में भरपूर पानी पीएं, चाहे आपको प्यास न भी हो, जब भी यात्रा करें पानी साथ लेकर जाएं, ओ आर एस का प्रयोग करें, निम्बू पानी, लस्सी आदि लेते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो, हल्के सूती व ढीले कपड़े पहनें, धूप में निकलने पर छाता, तौलिया, व टोपी का सिर ढकने के लिए प्रयोग करें, धूप में जाते समय जूते चप्पल पहनकर निकलें, दिन के समय धूप आने वाली जगह की खिड़कियां बंद रखें व पर्दा लगा कर रखें, रात के समय खिड़कियां खुली रखें, सुरक्षित वातावरण बनाएं, ठन्डे पानी से छींटे मारें, पंखे का प्रयोग करें, रेडियो, टीवी व अखबार के माध्यम से मौसम की अपडेट लेते रहें।
क्या न करें
सीएमओ ने बताया कि जरूरत न हो तो बाहर न निकलें, विशेषकर दिन में 12 बजे से 4 बजे के बीच में, भारी कार्य जैसे कसरत इत्यादि न करें, शराब, चाय, कॉफी, अत्यधिक मीठे पेय पदार्थ, कोल्ड ड्रिंक गैस वाले पदार्थों का सेवन न करें, धूप में बच्चों को न खेलने दें, बासी खाना न खाएं, गर्मी की चरम सीमा में खाना ना बनाएं, धूप में बच्चों और पालतू जानवरों को गाड़ी में अकेला न छोड़ें।
लक्षणों के प्रति रहें सचेत
डॉ वर्मा ने बताया कि तेज सिर दर्द, शारीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट, जी मचलाना और उलटी होना, घबराहट होना, सिर चकराना, बेहोशी और चक्कर आना सांस का फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, गर्म लाल और सूखी त्वचा,हीट स्ट्रोक व लू लगने से बचाव के लिए सावधानियां बरतना अति आवश्यक है। इसके अतिरिक्त गर्मी व लू लगने पर प्राथमिक चिकित्सा के रूप में मरीज को तुरंत अंदर या छाया में रखें, पैरों को थोड़ा ऊंचा करके लिटाएं, पंखे का इस्तेमाल करके हवा के प्रवाह को तेज करें, गीले कपड़े से शरीर पौंछें या पानी से छिड़काव करें, बेहोशी की हालत में खाने पीने को कुछ न दें, होश आने पर ठंडा पानी या तरल पदार्थ पीने को दें, बेहोशी की हालत में अगर उल्टियां हो तो करवट के बल लिटायें, गंभीर लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं या एम्बुलेंस को कॉल करें। साथ ही छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बाहर काम करने वाले लोग, मानसिक रूप से अस्वस्थ व दिव्यांग व्यक्ति गर्मी के मौसम में सावधानियां अवश्य बरतें।
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