Edited By Vijay, Updated: 28 Aug, 2026 07:53 PM

हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून गहरे जख्म दे रहा है। बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण राज्य में अब तक 1,183 करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी और निजी संपत्ति का नुक्सान हो चुका है।
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून गहरे जख्म दे रहा है। बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण राज्य में अब तक 1,183 करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी और निजी संपत्ति का नुक्सान हो चुका है। तबाही का यह सिलसिला यहीं रुकने वाला नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 31 अगस्त से 3 सितम्बर तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का यैलो अलर्ट जारी कर सरकार और आम जनता की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसका सीधा अर्थ है कि सितम्बर महीने का आगाज भी तेज बारिश और दुश्वारियों के साथ होगा।
आपदा और हादसों में गई 249 लोगों की जान
इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं ने भारी जनहानि भी की है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार भूस्खलन, बाढ़, डूबने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में अब तक 103 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा, खराब मौसम और खस्ताहाल सड़कों के कारण हुए हादसों में 146 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
67 सड़कें बंद, युद्धस्तर पर चल रहा बहाली का काम
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बारिश के कारण बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। वर्तमान में पूरे प्रदेश में 67 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से ठप्प हैं। इसके अलावा 12 बिजली ट्रांसफार्मर और शिमला जिले के चौपाल में एक पेयजल योजना भी ठप्प पड़ी है। हालांकि, लोक निर्माण और बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर बहाली के काम में जुटी हुई हैं।
पिछले 24 घंटों में नाहन में सबसे ज्यादा बरसे बादल
पिछले 24 घंटों के बारिश के आंकड़ों पर गौर करें तो सिरमौर जिले के नाहन में सर्वाधिक 51 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा बरठीं में 34.8, धौलाकुआं में 34.5, धर्मशाला में 28.3 और नयनादेवी में 28.2 मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं, राजधानी शिमला में आसमान में दिनभर बादल छाए रहे।
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