Edited By Swati Sharma, Updated: 17 May, 2026 04:46 PM

Kangra News : हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव को लेकर सियासत गरमाई हुई है। इस बीच कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां जल शक्ति विभाग में कार्यरत एक सरकारी कर्मचारी ने प्रधान पद के लिए नामांकन दाखिल कर...
Kangra News : हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव को लेकर सियासत गरमाई हुई है। इस बीच कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां जल शक्ति विभाग में कार्यरत एक सरकारी कर्मचारी ने प्रधान पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। मामला सामने आने के बाद अब न केवल उनका नामांकन रद्द किया जा रहा है, बल्कि निर्वाचन प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी है।
रद्द होगा नामांकन
जानकारी के मुताबिक, यह मामला ज्वालामुखी में विकास खंड सुरानी की पंचायत कोपड़ा का है। यहां जल शक्ति विभाग में सेवारत एक वरिष्ठ सहायक ने पंचायत प्रधान पद के लिए नामांकन दाखिल किया। हैरानी की बात यह है कि शुरुआती जांच में इस गलती पर किसी का ध्यान नहीं गया और संबंधित कर्मचारी को चुनाव चिह्न भी आवंटित कर दिया गया था। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सहायक निर्वाचन अधिकारी की ओर से प्रधान पद के नामांकन पत्रों की दोबारा स्क्रूटनी की जा रही है।
गरमाया सियासी माहौल
नियमों के अनुसार, सरकारी कर्मचारी पंचायत चुनाव लड़ने के पात्र नहीं होते, ऐसे में संबंधित उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया जाएगा। नामांकन रद्द होने के बाद प्रधान पद के लिए मैदान में पांच उम्मीदवार ही शेष रह जाएंगे। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक चुनावी प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने के आरोप में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में चुनावी माहौल काफी गरमा गया है।
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