राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने हमीरपुर जिले भर में किए निरीक्षण

Edited By Jyoti M, Updated: 03 Apr, 2026 02:35 PM

dr s p katyal conducted inspections across hamirpur district

राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने हमीरपुर जिले में अपने चार दिवसीय प्रवास के दौरान राशन डिपुओं, गोदामों, आटा मिलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, वृद्ध आश्रम और कई अन्य संस्थानों का निरीक्षण किया।

हमीरपुर। राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने हमीरपुर जिले में अपने चार दिवसीय प्रवास के दौरान राशन डिपुओं, गोदामों, आटा मिलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, वृद्ध आश्रम और कई अन्य संस्थानों का निरीक्षण किया। जिले के चार दिवसीय दौरे की समाप्ति पर शुक्रवार को यहां सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. एसपी कत्याल ने बताया कि इस व्यापक निरीक्षण के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लिया है।

डॉ. एसपी कत्याल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सभी योजनाओं का क्रियान्वयन संतोषजनक पाया गया है, लेकिन उन्होंने खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आम उपभोक्ताओं को इनकी डिलीवरी को बेहतर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि चार दिवसीय प्रवास के पहले दिन उन्होंने जिला प्रशासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, राज्य खाद्य आपूर्ति निगम, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के क्रियान्वयन से संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके विस्तृत रिपोर्ट ली थी। इसके बाद उन्होंने विकास खंड टौणी देवी में आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और राशन डिपुओ सहित कुल 6 संस्थानों का दौरा किया। दूसरे दिन उन्होंने भोरंज उपमंडल में 12 संस्थानों एवं राशन डिपुओं और तीसरे दिन नादौन एवं हमीरपुर उपमंडल में कुल 15 संस्थानों एवं राशन डिपुओं का निरीक्षण किया।

डॉ. एसपी कत्याल ने बताया कि उन्होंने राशन डिपुओं में खाद्यान्नों के सही भंडारण, सही वितरण और सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन डिपुओं में एक स्वच्छ, सुविधाजनक एवं आधुनिक व्यापारिक प्रतिष्ठान जैसी व्यवस्था होनी चाहिए। इनमें उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर एवं कंप्लेंट नंबर प्रमुखता के साथ प्रदर्शित किए जाने चाहिए, ताकि खाद्यान्नों से संबंधित कोई भी समस्या आने पर उपभोक्ता तुरंत शिकायत कर सकें। अगर किसी उचित मूल्य की दुकान का संचालन बेहतरीन ढंग से हो रहा है तो उसकी अनुशंसा आईएसओ सर्टिफिकेशन के लिए भी की जा सकती है।

आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में मिड डे मील की रसोई में भी सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए तथा यहां पर भी सभी हेल्पलाइन नंबर एवं कंप्लेंट नंबर प्रमुखता के साथ प्रदर्शित किए जाने चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी फील्ड में नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकानों, गोदामों और आटा मिलों का निरीक्षण करें तथा सैंपलिंग-टेस्टिंग भी सुनिश्चित करें। इनमें भी संबंधित अथॉरिटी के शिकायत नंबर भी प्रदर्शित किए जाने चाहिए। आटा मिलों को एनएफएसए के तहत आवंटित गेहूं की पिसाई के समय भी कड़ी निगरानी के लिए एक प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वृद्ध आश्रम के निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी डेट की कुछ खाद्य सामग्री मिली हैं, जिन्हें तुरंत नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. एसपी कत्याल ने बताया कि प्रदेश में खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग और भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। आयोग इस दिशा में कई महत्वपूर्ण सुझाव सरकार को प्रेषित करेगा। पत्रकार वार्ता के दौरान जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक शिव राम, राज्य खाद्य आपूर्ति निगम की क्षेत्रीय प्रबंधक रीटा कुमारी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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