Dharamshala Landslide: दरकने लगी चोहला की पहाड़ी, मलबा, पत्थर और मिट्टी खिसककर सड़क पर आई

Edited By Jyoti M, Updated: 12 Apr, 2026 03:54 PM

dharamshala landslide the chohla hill begins to crumble

हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी धर्मशाला के पास स्थित चोहला की पहाड़ी एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में है। अप्रैल महीने में हुई बेमौसम और भारी बारिश के कारण इस पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है।

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी धर्मशाला के पास स्थित चोहला की पहाड़ी एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में है। अप्रैल महीने में हुई बेमौसम और भारी बारिश के कारण इस पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और मिट्टी खिसककर मुख्य सड़क पर आ गई है, जिससे यातायात और सुरक्षा पर संकट खड़ा हो गया है।

भारी नुकसान और स्थानीय लोगों की चिंता

भू-धंसाव इतना तीव्र था कि चीड़ के कई विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़ गए। स्थानीय निवासी कुलदीप सिंह, सुरजीत, संजय और सुनील के अनुसार, दाड़नू गांव के समीप की यह पहाड़ी बार-बार दरक रही है। पिछले साल मानसून में भी यहाँ इसी तरह का भीषण भूस्खलन हुआ था, जिसमें लगभग 15 पेड़ गिरे थे। बार-बार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीण डरे हुए हैं।

सड़क और पर्यटन पर प्रभाव

प्रभावित पहाड़ी के ठीक नीचे धर्मशाला-खनियारा मुख्य मार्ग और दाड़नू-चोहला संपर्क मार्ग स्थित है। लोक निर्माण विभाग ने सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया है, लेकिन मिट्टी में नमी अधिक होने के कारण पहाड़ी से रह-रहकर मलबा गिर रहा है, जिससे सफाई कार्य में बाधा आ रही है।

चोहला से भागसूनाग को जोड़ने वाली नई सड़क का काम चल रहा है। यहाँ दर्जनों होटल, होम-स्टे और रेस्तरां संचालित हैं। भविष्य में यहाँ एक अंतरराष्ट्रीय हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर बनाने की योजना भी है।

भू-वैज्ञानिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र

विशेषज्ञों के अनुसार, यह पूरा इलाका भू-गर्भीय रूप से काफी कमजोर है। चोहला की पहाड़ी के ठीक सामने चरान खड्ड के पार तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का निवास स्थान है। हाल ही में धर्मशाला में हुई एक अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने कांगड़ा को भूकंपीय जोन-6 (अत्यधिक संवेदनशील) में रखने की सलाह दी है। मैक्लोडगंज और चोहला की पहाड़ियों का लगातार दरकना इन चेतावनियों को और गंभीर बना देता है।

प्रशासन का बयान

"चोहला की पहाड़ी पर भूस्खलन की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की मदद से सड़क से मलबा हटा दिया गया है। पहाड़ी बार-बार क्यों धंस रही है, इसका पता लगाने के लिए भू-वैज्ञानिकों से विशेष अध्ययन कराया जाएगा। जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।"

— हेमराज बैरवा, उपायुक्त, कांगड़ा

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