Edited By Kuldeep, Updated: 02 Jun, 2026 05:32 PM

जिले के भनौता भेड़ प्रजनन केंद्र में भेड़ों की उच्च गुणवत्ता को बढ़ावा मिल रहा है। केंद्र में आस्ट्रेलिया की विश्व प्रसिद्ध मैरिनो नस्ल अपनी अत्यंत पतली, मुलायम और उच्च गुणवत्ता वाली ऊन के लिए प्रसिद्ध हो रही है।
चम्बा (रणवीर): जिले के भनौता भेड़ प्रजनन केंद्र में भेड़ों की उच्च गुणवत्ता को बढ़ावा मिल रहा है। केंद्र में आस्ट्रेलिया की विश्व प्रसिद्ध मैरिनो नस्ल अपनी अत्यंत पतली, मुलायम और उच्च गुणवत्ता वाली ऊन के लिए प्रसिद्ध हो रही है। पशुपालन विभाग चम्बा के उपनिदेशक डा. राकेश भंगालिया ने केंद्र का जायजा लेकर व्यवस्था की जांच की है। उन्होंने भेड़ों के रखरखाव के लिए पानी, बिजली, हवादार शैड, संतुलित आहार व नियमित स्वास्थ्य जांच सहित सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि पशुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि पशुपालक और किसान आस्ट्रेलिया की मैरिनो भेड़ों का पालन कर अपनी आर्थिकी काे सुदृढ़ कर रहे हैं। जिला की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से मैरिनो नस्ल पूरी तरह से फिट बैठ रही है। अधिकांश भेड़पालक इन भेड़ों को पालन करने में रुचि दिखा रहे हैं, जिसके तहत अब आने वाले समय में इसी नस्ल की भेड़ों की डिमांड भेजी जाएगी। मौजूदा समय में भनौता स्थित भेड़ प्रजनन केंद्र में करीब 52 उच्च नस्ल की आस्ट्रेलियन मैरिनो नस्ल की भेड़ें लाई गई हैं।
इनमें 32 मादा और 20 नर शामिल हैं। भेड़ों की नस्ल सुधार कार्यक्रम को मजबूती देने के साथ-साथ चम्बा को विश्वस्तरीय ऊन उत्पादन के मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भेड़ों के आगमन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी। आगामी समय में भनौता में मैरिनो भेड़ों के माध्यम से स्थानीय नस्लों के साथ वैज्ञानिक क्रॉस ब्रीडिंग का प्रयास किया जााएगा। इससे भेड़ पालकों को उन्नत संतानों की उपलब्धता होगी और अंतर्राष्ट्रीय मानकों की पतली ऊन का उत्पादन संभव हो सकेगा। इससे आंकाक्षी जिला के भेड़पालकों को काफी लाभ मिलेगा। विभाग का मानना है कि इस परियोजना से न केवल पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी बल्कि चम्बा की ऊन उद्योग को भी नई पहचान मिलेगी।
उपनिदेशक पशुपालन विभाग चम्बा डा. राकेश भंगालिया का कहना है कि चम्बा के भनौता भेड़ केंद्र में मैरिनो भेड़ों की डिमांड बढ़ी है। वैज्ञानिक क्रॉस ब्रीडिंग की तैयारी का प्रयास किया जा रहा है। फार्म में 52 उच्च नस्ल की भेड़ें शामिल की गई हैं। भेड़पालकों की डिमांड बढ़ने के साथ अतिरिक्त भेड़ों की डिमांड भेजी जाएगी।