Edited By Kuldeep, Updated: 27 May, 2026 09:41 PM

चुराह क्षेत्र की नाबालिगा को चेन्नई से बरामद करने के बाद पुलिस कर्मियों द्वारा धमकाने का मामला सामने आया है। इससे महिला थाना की टीम विवादों में घिर गई है।
चम्बा (काकू चौहान): चुराह क्षेत्र की नाबालिगा को चेन्नई से बरामद करने के बाद पुलिस कर्मियों द्वारा धमकाने का मामला सामने आया है। इससे महिला थाना की टीम विवादों में घिर गई है। मामले में पुलिस विभाग ने टीम में शामिल चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद सभी पुलिसकर्मियों का मुख्यालय पुलिस लाइन निर्धारित किया गया है। इसमें एक सब इंस्पैक्टर, एक हैड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल शामिल हैं। पुलिस विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है।
चुराह उपमंडल के एक व्यक्ति ने 7 अप्रैल को महिला थाना चम्बा में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को क्षेत्र का ही एक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के बाद महिला थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। साइबर सैल की मदद से मोबाइल लोकेशन और तकनीकी इनपुट जुटाए गए, जिसके आधार पर युवती और युवक की लोकेशन चेन्नई में ट्रेस हुई। इसके बाद महिला थाना चम्बा की ओर से विशेष टीम गठित कर दक्षिण भारत रवाना किया गया। टीम ने करीब 2800 किलोमीटर लम्बा सफर तय किया। ट्रेन से आने-जाने में लगभग दस दिन लगे, जबकि चेन्नई में चार दिन तक लगातार सर्च अभियान चलाया गया और युवक तथा युवती को ढूंढ निकाला और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों को चम्बा ले आई।
पुलिस के इस अभियान की जिलेभर में सराहना हो रही थी, लेकिन अब मामले में नया मोड़ आ गया है और पूरा घटनाक्रम सवालों के घेरे में है। युवती और उसके परिजन की ओर से पुलिस टीम पर आरोप लगाए गए कि पीड़िता पर बयान को लेकर दबाव बनाया गया और उसे डराने-धमकाने की कोशिश की गई। इसके अलावा कानूनी प्रक्रिया के दौरान भी निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक जांच करवाई, जिसमें कुछ बिंदुओं पर अनियमितताएं सामने आने की बात कही जा रही है। इसी आधार पर संबंधित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
मामला नाबालिगा से जुड़ा हुआ है और इसमें महिला थाना की भूमिका सीधे तौर पर सामने आई है। पुलिस विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि कहीं जांच प्रक्रिया के दौरान पीड़िता के अधिकारों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। उधर, युवक अभी पुलिस हिरासत में है और मामले में आगामी कार्रवाई युवती के विस्तृत बयान के आधार पर तय की जाएगी। पुलिस यह स्पष्ट करने में जुटी है कि युवती को वास्तव में बहला-फुसलाकर ले जाया गया था या वह अपनी मर्जी से युवक के साथ गई थी। फिलहाल मामले की जांच कई पहलुओं से जारी है।
एएसपी चम्बा दिनेश शर्मा का कहना है कि मामले में प्राप्त शिकायतों और प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। विभागीय जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही अथवा नियमों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।