Mandi: कोर्ट ने नहीं मानी दलील, चरस तस्करी के मुख्य सरगना की जमानत याचिका खारिज

Edited By Vijay, Updated: 11 Apr, 2026 11:51 AM

bail plea of  main kingpin in hashish smuggling case rejected

जिला एवं सत्र न्यायालय मंडी ने चरस तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी मनोज कुमार की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।

मंडी (रजनीश): जिला एवं सत्र न्यायालय मंडी ने चरस तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी मनोज कुमार की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी एक आदतन अपराधी है और ऐसे मामलों में उसे जमानत देना समाज और युवा पीढ़ी के लिए घातक हो सकता है।

बता दें कि पुलिस थाना बल्ह के तहत 10 जनवरी, 2026 को पुलिस ने दरव्यास गांव के जोगिंद्र सिंह के घर पर छापेमारी के दौरान 422 ग्राम चरस बरामद की थी। इस मामले में पहले जोगिंद्र की पत्नी कृष्णा देवी को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान कृष्णा देवी ने खुलासा किया था कि सरकाघाट निवासी मनोज कुमार ने उन्हें 25,000 रुपए में चरस सप्लाई की थी। इसके बाद पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल खंगाली, जिसमें आरोपी मनोज और मुख्य आरोपियों के बीच वित्तीय लेनदेन की पुष्टि हुई। मनोज कुमार को 18 मार्च, 2026 को गिरफ्तार किया गया था। 

आरोपी के वकील ने दलील दी कि मनोज निर्दोष है और उसे केवल सहआरोपी के बयान के आधार पर पकड़ा गया है, जो कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य आरोपी कृष्णा देवी को पहले ही जमानत मिल चुकी है, इसलिए मनोज को भी समानता के आधार पर रिहा किया जाए। लोक अभियोजक ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मनोज कुमार के खिलाफ पहले भी सरकाघाट थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत 2 मामले (वर्ष 2018 और 2023) दर्ज हैं। वह एक पेशेवर तस्कर है, जो युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रहा है। इन्ही आधारों पर कोर्ट ने मनोज कुमार की जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया।

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