Edited By Vijay, Updated: 26 Aug, 2026 01:33 PM

कालाअंब-पांवटा साहिब नैशनल हाईवे पर रेत और बजरी से लदे ओवरलोडिड भारी वाहन आम लोगों के लिए लगातार सिरदर्द बनते जा रहे हैं। बुधवार को काली मंदिर के पास एक रेत से भरे ट्राले और कैंटर की जोरदार भिड़ंत ने एक बार फिर हाईवे की खस्ताहाल यातायात व्यवस्था की...
कालाअंब: कालाअंब-पांवटा साहिब नैशनल हाईवे पर रेत और बजरी से लदे ओवरलोडिड भारी वाहन आम लोगों के लिए लगातार सिरदर्द बनते जा रहे हैं। बुधवार को काली मंदिर के पास एक रेत से भरे ट्राले और कैंटर की भिड़ंत ने एक बार फिर हाईवे की खस्ताहाल यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी है। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन दुर्घटना के कारण हाईवे पर करीब एक घंटे तक लंबा जाम लगा रहा।
जानकारी के अनुसार नाहन की तरफ आ रहा एक कैंटर अचानक सड़क पर स्किड हो गया। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहा रेत-बजरी से लदा एक ट्राला सीधे कैंटर से जा टकराया। घटना की सूचना मिलते ही कालाअंब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात बहाल करवाया और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि हाईवे पर आए दिन ये भारी-भरकम ट्राले पलटते रहते हैं या खराब होकर सड़क के बीचोंबीच खड़े हो जाते हैं, जिससे भयंकर जाम लगता है। आरोप है कि संबंधित विभाग महज चालान काटकर अपने काम की इतिश्री कर लेते हैं, जिसके बाद ये ट्राले फिर से बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ने लगते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त मांग की है कि हाईवे पर ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों की नियमित और सख्त चैकिंग की जाए, साथ ही चढ़ाई वाले संवेदनशील स्थानों पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू हो। लोगों ने यह भी मांग उठाई है कि इन ट्रालों के नंबर प्लेट्स और चालकों के ड्राइविंग लाइसैंस की भी गहनता से जांच की जाए, ताकि हादसों पर लगाम लग सके।
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