Edited By Vijay, Updated: 30 Aug, 2026 05:48 PM

हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा के चुराह उपमंडल में रविवार को एक बड़ा बस हादसा होते-होते टल गया। बैरागढ़-देवीकोठी-टेपा मार्ग पर घुलेई के समीप एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और हवा में लटक गई।
तीसा (सुभान दीन): हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा के चुराह उपमंडल में रविवार को एक बड़ा बस हादसा होते-होते टल गया। बैरागढ़-देवीकोठी-टेपा मार्ग पर घुलेई के समीप एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और हवा में लटक गई। गनीमत यह रही कि इस घटना के समय बस में कोई भी सवारी मौजूद नहीं थी और चालक-परिचालक भी पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी रास्तों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
जानकारी के अनुसार रविवार को घुलेई के पास इस निजी बस की नियमित साफ-सफाई और धुलाई का कार्य किया जा रहा था। धुलाई का काम पूरा होने के बाद जब चालक बस को पीछे कर रहा था, उसी दौरान अचानक वह वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके चलते बस का पिछला हिस्सा सड़क से बाहर निकल गया और बस ढलान की तरफ लुढ़कने लगी।
यह एक चमत्कार ही था कि बस गहरी खाई में समाने के बजाय बीच में ही एक तीखे मोड़ पर अटक गई और हवा में लटक गई। यदि बस थोड़ा और नीचे जाती, तो इसके परखच्चे उड़ सकते थे। घटना का पता चलते ही आसपास के स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके की तरफ दौड़ पड़े। बस को आधा हवा में लटका देख लोगों की सांसें अटक गईं। लोगों ने तुरंत बस में फंसे चालक और परिचालक को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में दोनों को खरोंच तक नहीं आई है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों की चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं और उनमें भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले ही इसी क्षेत्र में एक अन्य बस भी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। बार-बार इस तरह की घटनाओं का होना सड़क की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। पहाड़ी क्षेत्रों की संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और विशेषकर सड़क किनारे पैरापिट का न होना इस मार्ग पर सफर को बेहद खतरनाक बना रहा है।
क्षेत्रवासियों ने इस घटना के बाद जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। ग्रामीणों ने कड़े शब्दों में मांग की है कि इस अति संवेदनशील मार्ग की स्थिति को जल्द से जल्द सुधारा जाए। तीखे मोड़ों और खतरनाक जगहों पर तुरंत क्रैश बैरियर और पैरापिट लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े जानलेवा हादसे और अनहोनी को रोका जा सके।
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