Solan: नौणी विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि, 3 पूर्व छात्र बने ICFRE वैज्ञानिक

Edited By Vijay, Updated: 03 Apr, 2026 04:12 PM

3 alumni of nauni university become icfre scientists

डॉ. यशवंत  सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के तीन पूर्व छात्रों ने एक और उपलब्धि हासिल करते हुए विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।

सोलन (नरेश पाल): डॉ. यशवंत  सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के तीन पूर्व छात्रों ने एक और उपलब्धि हासिल करते हुए विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। इन छात्रों ने भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE), देहरादून द्वारा जनवरी माह में आयोजित प्रतिष्ठित वैज्ञानिक ‘बी’ (वानिकी) परीक्षा में कुल चार पदों में से तीन पद हासिल किए हैं। इसके परिणाम इसी सप्ताह घोषित किए गए।

सफल अभ्यर्थियों में जतिन कुमार, उदय कुमार लोध और दीपशिखा सिंह तीनों ही वानिकी महाविद्यालय के सिल्वीकल्चर एवं एग्रोफॉरेस्ट्री विभाग के छात्र रहे हैं। जतिन कुमार, जो सोलन जिले के धर्मपुर के निवासी हैं, ने परीक्षा में वानिकी विषय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने वर्ष 2024 में डॉ. डीआर भारद्वाज के मार्गदर्शन में एग्रोफोरेस्ट्री में पीएचडी पूरी की और 8.96/10 ओजीपीए के साथ विभाग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उदय कुमार लोध, विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) के निवासी हैं, ने वर्ष 2023 में डॉ. सीएल ठाकुर के मार्गदर्शन में वानिकी में पीएचडी 8.18/10 ओजीपीए के साथ पूर्ण की। दीपशिखा सिंह, बिहार की भागलपुर निवासी है और वर्ष 2022 में डॉ. डीआर भारद्वाज के मार्गदर्शन में वानिकी में एमएससी 8.37/10 ओजीपीए के साथ पूरी की।

वानिकी क्षेत्र की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक में उनकी यह उल्लेखनीय सफलता उनके परिश्रम, दृढ़ता और शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। यह विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत अनुसंधान वातावरण और प्रभावी मार्गदर्शन को भी दर्शाती है। सिल्वीकल्चर विभाग के छात्र निरंतर विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त कर रहे हैं।

छात्रों को बधाई देते हुए कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह चयन छात्रों और उनके मार्गदर्शकों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा वैज्ञानिक ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ देश के वानिकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सीएल ठाकुर तथा सिल्वीकल्चर एवं एग्रोफोरेस्ट्री विभाग के संकाय सदस्यों ने भी छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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