Edited By Vijay, Updated: 09 May, 2026 03:51 PM

डॉ. हरमिंदर सिंह बवेजा ने शनिवार को डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति का कार्यभार संभाल लिया।
सोलन (नरेश पाल): डॉ. हरमिंदर सिंह बवेजा ने शनिवार को डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति का कार्यभार संभाल लिया। एक प्रख्यात फ्लोरीकल्चर वैज्ञानिक डॉ. बवेजा के पास शिक्षण, अनुसंधान, प्रशासन एवं प्रसार कार्यों का 36 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश के बागवानी निदेशक तथा उत्तराखंड के बागवानी निदेशक सहित कई महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी पदों पर सेवाएं दी हैं। वे विश्वविद्यालय में फ्लोरीकल्चर विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
एक सफल शिक्षाविद् एवं प्रशासक के रूप में डॉ. बवेजा ने अनेक स्नातकोत्तर एवं पीएचडी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है, कई शोध पत्र एवं पुस्तकें प्रकाशित की हैं तथा पाठ्यक्रम आधुनिकीकरण एवं कौशल विकास पहलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने एफएओ सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है तथा यूरोप और यूएई में अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन दौरों में भाग लिया है।
डॉ. बवेजा ने बागवानी अवसंरचना, कृषि विपणन एवं नीतिगत क्रियान्वयन को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके कार्यकाल के दौरान कृषि विपणन अवसंरचना के लिए विश्व बैंक समर्थित परियोजनाओं के तहत लगभग 150 करोड़ रुपए जुटाए गए तथा उत्तराखंड में 8500 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का सफल संचालन किया गया।
डॉ. बवेजा को ई-नाम क्रियान्वयन के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार (2017) तथा एशिया पैसिफिक एक्सीलैंस अवार्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उनका दृष्टिकोण विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, नवाचार आधारित एवं वित्तीय रूप से सुदृढ़ संस्थान के रूप में विकसित करना है, जिसमें उद्योगों से मजबूत जुड़ाव तथा किसानोन्मुखी विस्तार कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय पहुंचने पर संकाय, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उनका स्वागत किया। डॉ. बवेजा ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा मंत्रिमंडल का उन्हें विश्वविद्यालय के माध्यम से कृषि एवं बागवानी समुदाय की सेवा करने का अवसर प्रदान करने पर आभार व्यक्त किया।
कार्यभार संभालने के बाद डॉ. बवेजा ने कहा कि वे विश्वविद्यालय की सभी पहलों को उनकी पूर्ण क्षमता तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का विशेष ध्यान ऐसे कुशल स्नातकों को तैयार करने पर होगा जो कृषि एवं बागवानी क्षेत्र के विकास में योगदान दें। उन्होंने पूर्व छात्रों (एलुमनाई) के साथ सहयोग को मजबूत करने तथा विद्यार्थियों एवं युवा पेशेवरों के लिए बेहतर अवसर सृजित करने पर भी जोर दिया।
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