Edited By Vijay, Updated: 18 Aug, 2026 07:50 PM

हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ शिमला पुलिस ने एक बड़ी और रणनीतिक कामयाबी हासिल की है। पुलिस अब केवल स्थानीय स्तर पर नशा (चिट्टा) पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि बैकवर्ड लिंकेज को खंगालते हुए अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त कर रही है।
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ शिमला पुलिस ने एक बड़ी और रणनीतिक कामयाबी हासिल की है। पुलिस अब केवल स्थानीय स्तर पर नशा (चिट्टा) पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि बैकवर्ड लिंकेज को खंगालते हुए अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त कर रही है। इसी रणनीति के तहत पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए पंजाब से चिट्टे के दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।
1.120 किलो चिट्टे का मुख्य सप्लायर तरनतारन से गिरफ्तार
पहले मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि बीते 3 अगस्त को शिमला पुलिस के स्पेशल सेल ने शोघी के पास एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी विजय कुमार को 1.120 किलोग्राम हाई-ग्रेड चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। इस खेप के मुख्य स्रोत का पता लगाने के लिए पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज पर काम किया। इसके बाद शिमला पुलिस की टीम ने पंजाब के तरनतारन में एक विशेष अभियान चलाया और इस पूरे नैटवर्क के मुख्य सप्लायर शुभकरमण सिंह उर्फ सुल्तान (21) निवासी जिला तरनतारन (पंजाब) को दबोच लिया।
कोटखाई से जुड़ी कड़ियां, जालंधर से दबोचा गया मोगा का तस्कर
दूसरे मामले में कोटखाई पुलिस ने अंतर्राज्यीय सप्लाई चेन की अहम कड़ियों को बेनकाब किया है। पुलिस थाना कोटखाई की टीम ने हाल ही में तीन स्थानीय आरोपियों राहुल शर्मा, रक्षित चौहान और लवली शर्मा को 64 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जब पुलिस ने इन तीनों के बैकवर्ड लिंकेज खंगाले तो चंडीगढ़ से अमित महावे नामक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। अमित से हुई पूछताछ और आगे की जांच में सप्लाई नैटवर्क की तीसरी और सबसे अहम कड़ी का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि अमित महावे नियमित रूप से कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी पुत्र लखवीर सिंह निवासी जिला मोगा (पंजाब) के संपर्क में था और उसी से चिट्टे की सप्लाई लेता था। पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस टीम ने कोमलप्रीत सिंह को जालंधर से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी से हैरोइन सप्लाई की एक बड़ी अंतर्राज्यीय चेन टूट गई है।
तस्करों के आर्थिक और आपराधिक नैटवर्क को ध्वस्त करना मुख्य लक्ष्य : एएसपी
मंगलवार को शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिमला मेहर पंवर ने पुलिस की इस आक्रामक रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिमला पुलिस का फोकस अब केवल नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा तस्करों के पूरे आर्थिक और आपराधिक नैटवर्क को जड़ से खत्म करने पर है।
अब तक 448 तस्कर गिरफ्तार, 6 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त
प्रैस वार्ता के दौरान एएसपी ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत शिमला पुलिस ने हालिया समय में बड़ी कार्रवाइयां की हैं। अब तक पुलिस ने 448 आरोपियों और 66 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। इन अभियानों के दौरान कुल 4.4 किलोग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। नशा माफिया की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने अब तक उनकी 6.38 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति भी जब्त की है।
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