Solan: अर्की अस्पताल में ऑप्रेशन के बाद महिला की मौत! परिजनों का आरोप-'डॉक्टरों ने मृत शरीर को IGMC किया रैफर'

Edited By Vijay, Updated: 21 May, 2026 05:48 PM

woman dies in hospital after stone surgery

सोलन जिले के सिविल अस्पताल अर्की में पथरी के ऑप्रेशन के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की उपचार प्रक्रिया और चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

अर्की (ब्यूरो): सोलन जिले के सिविल अस्पताल अर्की में पथरी के ऑप्रेशन के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की उपचार प्रक्रिया और चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महिला की मौत से पूरे क्षेत्र में रोष का माहौल है और मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भूमती के चुनाड़ गांव निवासी सीमा पत्नी हंस राज को पथरी की शिकायत थी। इसी के चलते उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल अर्की में भर्ती करवाया गया था। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा महिला का ऑप्रेशन किया गया, लेकिन आरोप है कि ऑप्रेशन के कुछ समय बाद ही महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। मृतका के पति हंस राज, भाई नित्यानंद और दामाद दिनेश शर्मा ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल ने उन्हें मरीज की वास्तविक स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी। परिजनों को सिर्फ इतना बताया गया कि मरीज की हालत बेहद गंभीर है और उसे बेहतर उपचार के लिए तुरंत आईजीएमसी शिमला रैफर किया जा रहा है।

परिजनों के अनुसार जब वे आनन-फानन में महिला को लेकर आईजीएमसी शिमला पहुंचे तो वहां के डॉक्टरों ने जांच के बाद जो बताया, उसे सुनकर उनके होश उड़ गए। आईजीएमसी के चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि महिला की मृत्यु लगभग 2 घंटे पहले ही हो चुकी थी। इस खुलासे के बाद परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। उनका सीधा आरोप है कि अर्की अस्पताल में ही महिला की मौत हो चुकी थी, लेकिन अपनी लापरवाही छिपाने के लिए डॉक्टरों ने एक मृत शरीर को शिमला रैफर कर दिया।

इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा है। परिजनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के उपचार और आपातकालीन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसा न हो। 

जांच समिति गठित, रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई : बीएमओ

इस पूरे विवाद पर खंड चिकित्साधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच समिति गठित कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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