Edited By Vijay, Updated: 26 Sep, 2026 01:10 PM

हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य में मुख्यमंत्री, मंत्री और सत्ताधारी दल के नेताओं के संरक्षण में अराजकता, राजनीतिक दबाव और गुंडागर्दी...
नाहन (आशु): हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य में मुख्यमंत्री, मंत्री और सत्ताधारी दल के नेताओं के संरक्षण में अराजकता, राजनीतिक दबाव और गुंडागर्दी की संस्कृति पनप रही है। डॉ. बिंदल ने हाल ही में शिमला में निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया और इसे कानून-व्यवस्था का मखौल करार दिया। डॉ. बिंदल ने कहा कि शिमला में निर्वाचन विभाग के कार्यालय के बाहर कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान सरेआम सरकारी संपत्ति को नुक्सान पहुंचाया गया। दीवारों और साइन बोर्ड पर वोट चोर लिखा गया। पुलिस को धमकाने और पुलिस वाहन पर चढ़कर उसे नुक्सान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई हैं। यह सब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुआ। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर तत्काल निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
सत्तापक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग नहीं हो सकता कानून
सत्ता पक्ष पर कानून के दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि आज हिमाचल में हालात 'सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का' वाले हो गए हैं। अगर भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करें तो एफआईआर दर्ज हो जाती है, लेकिन सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता सरकारी कार्यालय में तोड़फोड़ करें तो प्रशासन मौन रहता है। कानून सत्तापक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग नहीं हो सकता।
सोलन का प्रदर्शन कांग्रेस की अंतर्कलह का नतीजा
सोलन में कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन पर तंज कसते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि अपनी ही सरकार में भैंस के आगे बीन बजाने का प्रदर्शन कांग्रेस के भीतर की भारी नाराजगी और अंतर्कलह को दर्शाता है। उन्होंने सलाह दी कि अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़क पर नौटंकी करने की बजाय कांग्रेस नेताओं को मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए।
हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ना कांग्रेस की आदत
कांग्रेस द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग और प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस की नीति दोहरी है। जब कांग्रेस हिमाचल में चुनाव जीतती है तो चुनाव आयोग सही होता है, लेकिन जहां हारती है, वहां संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को ठोस तथ्य पेश करने चाहिए।
हर नाकामी के लिए पूर्व सरकार को दोष देना बंद करो
सुक्खू सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि सरकार को सत्ता में आए काफी समय बीत चुका है। अब हर नाकामी के लिए पूर्व भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराकर जवाबदेही से नहीं बचा जा सकता। उन्होंने सिरमौर में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और पेयजल की खस्ताहाल स्थिति पर सरकार से श्वेत पत्र मांगा। साथ ही नाहन मेडिकल कॉलेज के आधारभूत ढांचे को लेकर समयबद्ध जवाब की मांग की।
किशाऊ परियोजना पर स्थिति स्पष्ट करे सरकार
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना (6 राज्यों के बीच हाल ही में हुए समझौते) का जिक्र करते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश सरकार को सिरमौर के किसानों के जल और वित्तीय अधिकार स्पष्ट करने चाहिए। सरकार यह बताए कि इस परियोजना से प्रदेश को कितनी बिजली मिलेगी, अनुमानित आय क्या होगी और सिरमौर के किसानों को सिंचाई के लिए वास्तव में कितना पानी मिलेगा।
सीएम का सिरमौर प्रवास रद्द होने पर उठाए सवाल
डॉ. बिंदल ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित सिरमौर प्रवास के रद्द होने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रशासनिक तैयारियों पर जनता का कितना पैसा खर्च हुआ और सिरमौर के लिए जिन घोषणाओं की उम्मीद थी, उनका अब क्या होगा?
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