Edited By Kuldeep, Updated: 22 Sep, 2026 08:23 PM

जिला के पुलिस थाना चौपाल में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पुलिस कांस्टेबल ने अपने ही गार्ड इंचार्ज हैड कांस्टेबल पर गंभीर जातिगत भेदभाव और छुआछूत के आरोप लगाए हैं।
शिमला (संतोष): जिला के पुलिस थाना चौपाल में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पुलिस कांस्टेबल ने अपने ही गार्ड इंचार्ज हैड कांस्टेबल पर गंभीर जातिगत भेदभाव और छुआछूत के आरोप लगाए हैं। इस शिकायत के आधार पर पुलिस विभाग ने आरोपी हैड कांस्टेबल के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मूल रूप से सुन्नी तहसील के बसंतपुर इलाके के रहने वाले और वर्तमान में चौपाल थाने में तैनात शिकायतकर्त्ता आरक्षी राजेश नंबर-421 ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी ड्यूटी 27 जुलाई को एक सुरक्षा गार्ड के रूप में लगी थी। एफआईआर के अनुसार ड्यूटी के पहले ही दिन गार्ड इंचार्ज एचएचसी राकेश कुमार नंबर-557 ने उसकी जाति पूछी।
राजेश के एससी समुदाय से होने की बात सुनकर राकेश ने अपनी चोटी दिखाते हुए कहा कि वह महासू देवता का गुरु है और उसे परहेज करना पड़ता है। आरोप है कि राकेश ने राजेश को चेतावनी दी कि वह उसके खाने-पीने के बर्तन न छुए। शिकायत में आगे बताया गया है कि 11 सितम्बर को जब एचएचसी राकेश दोबारा गार्ड इंचार्ज बनकर आया, तो उसने फिर से छुआछूत और भेदभाव वाला रवैया अपनाया। 13 सितम्बर को जब राजेश ने अपना खाना खुद खा लिया तो राकेश इस बात से इतना नाराज हुआ कि उसने उस दिन रात का खाना ही नहीं खाया।
शिकायतकर्त्ता कांस्टेबल का दावा है कि उसके पास घटना से जुड़ी वीडियो रिकॉर्डिंग भी फोन में मौजूद है, जिसमें एचएचसी राकेश ने छुआछूत की बातें स्वीकार की हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी एचएचसी राकेश कुमार के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(आर) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और इसकी जांच शुरू कर दी गई है।