Edited By Kuldeep, Updated: 08 Apr, 2026 10:33 PM

हिमाचल प्रदेश में गैस उपभोक्ताओं को सस्ती व सुरक्षित प्राकृतिक गैस घर तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार पाइप लाइन गैस विस्तार करने जा रही है।
शिमला (राजेश): हिमाचल प्रदेश में गैस उपभोक्ताओं को सस्ती व सुरक्षित प्राकृतिक गैस घर तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार पाइप लाइन गैस विस्तार करने जा रही है। पाइप लाइन गैस विस्तार को लेकर सीजीडी (सिटी गैस वितरण नैटवर्क) कंपनियों को आ रही परेशानियों को लेकर एक बैठक बुधवार को आरडी नजीम अतिरिक्त मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले हिमाचल सरकार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश में सीजीडी नैटवर्क का विस्तार करने और प्रदेश में कार्यरत 4 कंपनियों को पेश आ रही दिक्कतों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि सिटी गैस वितरण नैटवर्क भूमिगत पाइप लाइनों की एक परस्पर जुड़ी प्रणाली है, जो सीधे घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं उद्योगों तक प्राकृतिक गैस पहुंचाती है, जो एलपीजी की अपेक्षा स्वच्छ, सुरक्षित एवं किफायती विकल्प है। सीजीडी नैटवर्क के अंतर्गत तरलीकृत पैट्रोलियम गैस, पाइप प्राकृतिक गैस उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए प्रदेश में सीजीडी नैटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, ताकि एलपीजी पर निर्भरता घटाई जा सके। बैठक में कुमुद सिंह, निदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सीजडी आवेदक अब डीसी नहीं निदेशक खाद्य आपूर्ति विभाग को करेंगे आवेदन
आरडी नजीम अतिरिक्त मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले ने बताया कि सीजीडी कंपनियों को गैस पाइप लाइन नैटवर्क के विस्तार में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें दूर करने के लिए सरकार द्वारा 27 मार्च को अधिसूचना जारी की गई है। इसके अंतर्गत सीजीडी नैटवर्क के विस्तार के लिए सरकार द्वारा हिमाचल भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 के अंतर्गत भूमि खरीद नियम का सरलीकरण किया गया है। इसके अंतर्गत सीजीडी आवेदक संबंधित डीसी को आवेदन न कर सीधे निदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले हिमाचल को आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन करेंगे, जिसे निदेशक द्वारा प्रशासनिक विभाग को और प्रशासनिक विभाग द्वारा मामला राजस्व विभाग को आवश्यक अनुमति को भेजा जाएगा।
सीजीडी कंपनियां लोनिवि के पास करेंगी बैंक गारंटी जमा
आरडी नजीम बताया कि अधिसूचना के अनुसार सीजीडी कंपनियां सरकारी भूमि संपत्तियों पर कार्य करने के लिए लोक निर्माण विभाग के पास बैंक गारंटी जमा करवाएंगी तथा संबंधित विभाग स्थानीय निकाय की स्वीकृति के अनुसार सरकारी भूमि पर खुदाई करेंगी और उसे पुनर्स्थापित करेंगी। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्णयानुसार दूसरे सभी संबंधित विभाग कंपनियों से प्राप्त आवेदन प्रस्ताव पर आवश्यक अनुमति 7 दिनों के भीतर देंगे और यदि 7 दिनों में कोई विभाग अनुमति नहीं देता है तो संबंधित आवेदन पर स्वत: स्वीकृति मानी जाएगी।
अधिकारियों को जारी किए दिशा-निर्देश, आवेदनों पर लें तुरंत संज्ञान
बैठक के दौरान आरडी नजीम ने संबंधित विभागों के सभी उपस्थित अधिकारियों को आदेश दिए कि वे सी.जी.डी. कंपनियों के सभी लंबित आवेदनों पर तुरंत संज्ञान लें और नियमानुसार स्वीकृति प्रदान करें, ताकि प्रदेश में इस नैटवर्क का विस्तार हो सके और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक प्राकृतिक गैस पहुंचाई जा सके।
कंपनी प्रतिनिधियों को भी निर्देश
आरडी नजीम ने सीजीडी कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे अविलंब संबंधित विभागीय अधिकारियों से मिलें, ताकि उनके लंबित आवेदन पर स्वीकृति दी जा सके। उन्होंने बताया कि डीसीयू स्थापित करने के लिए भूमि प्राप्त नहीं होने के संबंध में जल्द ही डीसी कांगड़ा, मंडी, कुल्लू व सिरमौर के साथ वीसी माध्यम से बैठक की जाएगी, ताकि इस समस्या का हल निकाला जा सके।
ऊना में 13 हजार घरों तक बिछ चुकी पाइप लाइन, 6 हजार कर रहे प्रयोग
आरडी नजीम ने बताया कि सिटी गैस वितरण नैटवर्क के तहत ऊना में 13,000 घरों तक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है और 6000 के करीब उपभोक्ता खाना बनाने हेतु प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं।