Shimla: हाईकोर्ट ने दी 5 स्टेट फोरैस्ट सर्विस अधिकारियों को इंडियन फोरैस्ट सर्विस में शामिल करने की अनुमति

Edited By Kuldeep, Updated: 22 Jun, 2026 08:48 PM

shimla high court forest service

प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 5 स्टेट फोरैस्ट सर्विस अधिकारियों को इंडियन फोरैस्ट सर्विस में शामिल करने की अनुमति दे दी है।

शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 5 स्टेट फोरैस्ट सर्विस अधिकारियों को इंडियन फोरैस्ट सर्विस में शामिल करने की अनुमति दे दी है। राज्य सरकार ने कोर्ट से 2009 में स्टेट फोरैस्ट सर्विस में नियुक्त/प्रमोट किए गए 5 स्टेट फोरैस्ट सर्विस अधिकारियों को इंडियन फोरैस्ट सर्विस में शामिल करने की अनुमति मांगी है। न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज ने राज्य सरकार के आवेदन को स्वीकारते हुए मुख्य मामले पर सुनवाई 24 जून को निर्धारित करने के आदेश दिए।

अर्जी में कहा गया था कि याचिकाकर्त्ता 2011, 2012 और 2013 में एचपीएफएस के तौर पर नियुक्त/प्रमोट किए गए अधिकारियों के बीच सीनियोरिटी का दावा कर रहे हैं जबकि राज्य सरकार अभी केवल उन एचपीएफएस अधिकारियों पर विचार कर रही है जिन्हें 2026 में आईएफएस में शामिल किया जाना है और जो 2009 में एचपीएफएस के तौर पर नियुक्त/प्रमोट हुए थे। कोर्ट ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए 2009 में एचपीएफएस के तौर पर नियुक्त/प्रमोट किए गए स्टेट फोरैस्ट सर्विस अधिकारियों को इंडियन फोरैस्ट सर्विस में शामिल करने का प्रस्ताव पेश करने की अनुमति दे दी।

कोर्ट ने आदेश में कहा कि राज्य सरकार को केवल 2009 में एचपीएफएस के तौर पर नियुक्त/प्रमोट किए गए स्टेट फोरैस्ट सर्विस अधिकारियों को इंडियन फोरैस्ट सर्विस में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति होगी। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने 1 जुलाई 2024 को पारित आदेश के तहत वन विभाग में अधिकारियों की पदोन्नतियों पर रोक लगाने के आदेश जारी कर रखे हैं और यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पदोन्नति करनी है तो इसकी अनुमति कोर्ट की इजाजत के बिना न की जाए।

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