Edited By Kuldeep, Updated: 21 Jun, 2026 09:12 PM

राजधानी शिमला की भट्टाकुफर फल मंडी में सेब सीजन की औपचारिक शुरूआत हो गई है। रविवार को मंडी में टाइडमैन वैरायटी के सेब की पहली खेप पहुंची, जिसकी एक पेटी 1100 रुपए में बिकी।
शिमला (भूपिन्द्र): राजधानी शिमला की भट्टाकुफर फल मंडी में सेब सीजन की औपचारिक शुरूआत हो गई है। रविवार को मंडी में टाइडमैन वैरायटी के सेब की पहली खेप पहुंची, जिसकी एक पेटी 1100 रुपए में बिकी। हालांकि सीजन के शुरूआती दिनों में बागवानों और व्यापारियों को जिस तरह के दामों की उम्मीद थी, बाजार उससे कुछ कमजोर नजर आया। मंडी में पहुंचे कारोबारियों का कहना है कि शुरूआती सीजन में गुणवत्तायुक्त सेब की सीमित आवक होने के बावजूद दाम अपेक्षाकृत कम रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण कुछ क्षेत्रों से कच्चे फल का मंडी में पहुंचना माना जा रहा है। व्यापारियों का मानना है कि समय से पहले तोड़े गए फलों की गुणवत्ता कमजोर होती है, जिससे खरीददारों का रुझान प्रभावित होता है और इसका असर पूरे बाजार भाव पर पड़ता है।
भट्टाकुफर मंडी में इन दिनों नाशपाती और पलम की भी आवक शुरू हो चुकी है। मोटी डंडी नाशपाती की कुछ खेपें पूरी तरह तैयार होने से पहले ही मंडी पहुंच गईं। परिणामस्वरूप 10 किलो की एक पेटी मात्र 150 रुपए में बिकी, जो उत्पादकों की अपेक्षाओं से काफी कम है। इसी तरह ब्लैक एंबर पलम भी कच्चा ही मंडी में लाया जा रहा है। आढ़ती प्रताप व अन्य कारोबारियों ने किसानों से आग्रह किया है कि वे केवल पूरी तरह तैयार और गुणवत्तायुक्त फल ही मंडी में लाएं। विशेष रूप से ब्लैक एंबर पलम को पूरी तरह काला और परिपक्व होने के बाद ही तुड़ाई कर बाजार में भेजने की सलाह दी गई है। इससे फल की गुणवत्ता बेहतर रहेगी और किसानों को भी अच्छे दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी।