Chamba: हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका, चरस तस्करी मामले का मुख्य आरोपी 5 महीने बाद गिरफ्तार

Edited By Vijay, Updated: 13 May, 2026 06:55 PM

police caught accused in hashish smuggling case after 5 months

चम्बा जिले के तीसा उपमंडल में चरस तस्करी के एक बहुचर्चित मामले में पिछले पांच महीने से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे मुख्य आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है।

तीसा (सुभान दीन): चम्बा जिले के तीसा उपमंडल में चरस तस्करी के एक बहुचर्चित मामले में पिछले पांच महीने से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे मुख्य आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की पहचान नरेश कुमार (54) पुत्र आलम निवासी गांव पटियोगा, चुराह के रूप में हुई है। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद बुधवार को तीसा पुलिस ने एक सटीक ऑप्रेशन के तहत आरोपी को उसके ही घर से दबोच लिया। इस गिरफ्तारी से तीसा क्षेत्र के चरस माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

इस मामले की शुरूआत इसी साल जनवरी माह में हुई थी। तब पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर 1 किलो 420 ग्राम चरस बरामद की थी। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। जब उस आरोपी से गहन पूछताछ की गई तो इस पूरे नैटवर्क में मुख्य सप्लायर के तौर पर नरेश कुमार का नाम सामने आया। नाम उजागर होते ही नरेश अंडरग्राऊंड हो गया। पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था।

यह मामला सिर्फ तस्करी तक ही सीमित नहीं है। जनवरी में जब एसआईयू चम्बा की टीम ने पहले आरोपी को चरस के साथ पकड़ा था, तब स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम का घेराव कर दिया था। आक्रोशित भीड़ ने न केवल पुलिस पर हमला किया, बल्कि सरकारी काम में बाधा भी डाली थी। इस हिंसक घटना को लेकर पुलिस ने करीब 30 स्थानीय लोगों के खिलाफ अलग से मुकद्दमा दर्ज किया था।

गिरफ्तारी की तलवार लटकती देख आरोपी नरेश कुमार ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। लेकिन, बरामद नशीले पदार्थ की भारी मात्रा को देखते हुए हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी। जमानत खारिज होते ही तीसा पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई और गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी को घर से ही गिरफ्तार कर लिया।

एसपी चम्बा विजय सकलानी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस का अभियान जीरो टॉलरैंस की नीति पर जारी है। कोई भी तस्कर, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से नहीं बच सकता। पुलिस अब आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। रिमांड के दौरान पुलिस यह उगलवाने की कोशिश करेगी कि 1.420 किलो चरस की यह खेप कहां से आई थी और इस काले कारोबार में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।

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