Edited By Vijay, Updated: 17 May, 2026 04:15 PM

हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शिमला पुलिस को एक और कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस थाना देहा के अंतर्गत आने वाले गांव झोल्ला में पुलिस ने सेब के बगीचे के बीच अवैध रूप से उगाई जा रही अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया है।
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शिमला पुलिस को एक और कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस थाना देहा के अंतर्गत आने वाले गांव झोल्ला में पुलिस ने सेब के बगीचे के बीच अवैध रूप से उगाई जा रही अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से अफीम के 350 पौधे बरामद कर उन्हें नष्ट कर दिया है, जबकि आरोपी मौके से फरार है।
जानकारी के अनुसार देहा पुलिस थाने की टीम हलाई गांव के पास नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि झोल्ला गांव निवासी महेंद्र पुत्र श्यामा ने अपने सेब के बगीचे में अवैध रूप से अफीम की खेती की हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झोल्ला गांव में महेंद्र के घर दबिश दी। वहां आरोपी की मां श्यामा मौजूद मिली। पूछताछ में उसने बताया कि उसका बेटा महेंद्र काम के सिलसिले में घर से बाहर गया हुआ है। इसके बाद पुलिस ने गवाहों और आरोपी की मां श्यामा की मौजूदगी में घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर स्थित सेब के बगीचे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान सेब के पेड़ों के बीच भारी मात्रा में अफीम के पौधे लहलहाते हुए पाए गए।
पुलिस टीम ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए 20 पौधे बतौर सैंपल सील कर लिए। इसके बाद शेष सभी पौधों को उखाड़कर जब उनकी गिनती की गई, तो कुल 350 अफीम के पौधे बरामद हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ ठियोग के आदेशानुसार बरामद किए गए सभी पौधों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस मामले में पुलिस थाना देहा में आरोपी महेंद्र के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की आगामी जांच एएसआई विजय प्रकाश को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस आरोपी महेंद्र की तलाश कर रही है।
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