छात्रवृत्ति घोटाले में नए-नए खुलासे, CBI जांच की जद्द में आए कई चेहरे

Edited By Ekta, Updated: 01 Oct, 2019 10:31 AM

new revelations in scholarship scam

250 करोड़ से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले की छानबीन में नए-नए खुलासे होते जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सी.बी.आई. जांच में सामने आया है कि कुछ स्थानों पर प्रार्थना पत्रों की संख्या से अधिक संख्या में छात्रवृत्तियों का वितरण हुआ। यह कैसे संभव हुआ और...

शिमला (राक्टा): 250 करोड़ से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले की छानबीन में नए-नए खुलासे होते जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सी.बी.आई. जांच में सामने आया है कि कुछ स्थानों पर प्रार्थना पत्रों की संख्या से अधिक संख्या में छात्रवृत्तियों का वितरण हुआ। यह कैसे संभव हुआ और इसमें किस-किस की संलिप्तता रही है, उसकी तह खंगालने में सी.बी.आई. जुटी हुई है। अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यही माना जा रहा है कि करोड़ों रुपए के घोटाले के पीछे एक लंबा नैटवर्क सक्रिय रहा। ऐसे में सी.बी.आई. जांच दायरे में कई चेहरे हैं और उनसे बारी-बारी पूछताछ का दौर जारी है। छानबीन के तहत जांच एजैंसी अधिकतर दस्तावेज कब्जे में ले चुकी है। यही कारण है कि अभी किसी की गिरफ्तारी न कर पूरे मामले की तह खंगालने पर फोकस किया जा रहा है। 

कब्जे में लिए गए कुछ दस्तावेजों को फोरैंसिक जांच के लिए भी भेजे जाने की सूचना है। आरोप यह भी है कि कुछ संस्थानों ने सभी नियमों को ताक पर रखकर सामान्य वर्ग के छात्रों को अनुसूचित जाति श्रेणी में छात्रवृत्तियां दे डालीं। ऐसे में आरोपों की सत्यता का पता लगाने के लिए जांच टीम मामले से जुड़ा हर रिकॉर्ड खंगाल रही है। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित संस्थानों की दिक्कतें बढऩा तय है। सी.बी.आई. की टीमों ने कब्जे में लिए दस्तावेजों के लिए एक मालखाना तैयार किया है। जांच के अंतर्गत वर्ष 2013 से लेकर 2017 तक की छात्रवृत्तियों से जुड़ा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इस मामले में 22 निजी शिक्षण संस्थान जांच दायरे में हैं।

 

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