Hamirpur : पनोह में बताई नालसा की योजनाएं, पोषण का महत्व भी समझाया

Edited By Swati Sharma, Updated: 28 Sep, 2026 02:17 PM

nalsa schemes explained in panoh

जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर और बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय सुजानपुर के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को ग्र्राम पंचायत पनोह में एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

Hamirpur News : जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर और बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय सुजानपुर के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को ग्र्राम पंचायत पनोह में एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। नौंवें पोषण माह के उपलक्ष्य पर आयोजित इस जागरुकता कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सीडीपीओ कुलदीप सिंह चौहान और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में उपस्थित अन्य महिलाओं को संबोधित करते हुए कुलदीप शर्मा ने बताया कि आम लोगों को न्याय सुलभ बनाने के लिए नालसा ने कई योजनाएं आरंभ की हैं। इन योजनाओं में मुफ्त कानूनी सहायता योजना सबसे महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी वर्ग के लोग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांग, आपदा पीड़ित, अत्याचार पीड़ित, श्रमिक, किन्नर, कैदी और सालाना 3 लाख रुपये से कम आय वाले सभी वर्गों के लोग मुफ्त कानूनी सहायता योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया बहुत ही सरल है। किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित फ्रंट आफिस में जाकर पात्र लोग मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। मानव तस्करी के शिकार लोगों, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, नशे के जाल में फंसे लोगों, किसी भी तरह के अत्याचार और तेजाब हमलों की शिकार महिलाओं की मदद के लिए भी नालसा ने योजनाएं आरंभ की हैं।

कुलदीप शर्मा ने बताया कि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए नालसा के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के दूरभाष नंबर 01972-224399 या ईमेल पर भी संपर्क किया जा सकता है।उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों, शिक्षा का अधिकार, घरेलू हिंसा रोधी कानून, बाल विवाह रोधी कानून, महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित कई अन्य कानूनों की विस्तृत जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि अदालतों में लंबित मामलों का निपटारा मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति से भी किया जा सकता है। इससे दोनों पक्षों के समय और धन की बचत होती है तथा उनमें सौहार्दपूर्ण संबंध भी बने रहते हैं। इसी के मद्देनजर नालसा ने ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0’ अभियान शुरू किया है। इसके अलावा समय-समय पर लगाई जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालतों में भी केसों का त्वरित निपटारा करवाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान सीडीपीओ कुलदीप सिंह चौहान ने पोषण माह और इससे संबंधित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं और किशोरियों का सही पोषण सुनिश्चित करके उन्हें कई बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 9 सितंबर से 8 अक्तूबर तक मनाए जा रहे नौंवें पोषण माह का मुख्य विषय ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखा गया है। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान के लक्ष्यों को हासिल करने में आंगनवाड़ी केंद्र बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं।

प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें  
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!