Edited By Vijay, Updated: 02 Oct, 2026 11:07 PM

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ा है और सरकार विकास कार्यों के बजाय अपने राजनीतिक प्रचार पर अधिक ध्यान दे रही है।
हमीरपुर (राजीव): कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ा है और सरकार विकास कार्यों के बजाय अपने राजनीतिक प्रचार पर अधिक ध्यान दे रही है। सरकार ने अब तक करीब 60 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर्ज लिया है। यह आरोप भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शुक्रवार को प्रैसवार्ता को सम्बोधित कर प्रदेश सरकार पर लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिया जा रहा कर्ज प्रदेश के विकास की बजाय अपने कथित मित्रों को सुविधाएं देने में खर्च किया जा रहा है।
राजीव बिंदल ने कहा कि सरकार की ओर से करोड़ों रुपए होर्डिंग और प्रचार पर खर्च किए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। हालांकि, राज्य के बजट दस्तावेजों के अनुसार 2026-27 में सरकार ने 11,965 करोड़ रुपए की शुद्ध उधारी का अनुमान रखा है और राज्य की बकाया देनदारियां 2026-27 के अंत तक जीएसडीपी के 40.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चुनावी वर्ष में मुख्यमंत्री एक बार फिर नए वायदे कर रहे हैं, जबकि पूर्व में किए गए कई वायदे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री द्वारा खिलाड़ियों को दिए गए ईनाम की घोषणाएं जल्द पूरी की जाएंगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए डॉ. राजीव बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपने करीब 4 वर्ष के कार्यकाल में भाजपा सांसदों, विधायकों और केंद्र सरकार को कोसने में ही समय बिताया है। बिंदल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रात को सपना देखते हैं और सुबह भाजपा के खिलाफ बयान दे देते हैं। उन्होंने सरकार से आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से आगे बढ़कर प्रदेश के विकास पर ध्यान देने की मांग की।
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