Edited By Kuldeep, Updated: 21 Apr, 2026 06:08 PM

बिलासपुर सदर आरएलए में सामने आए कथित फर्जीवाड़े के लिए एसडीएम सदर की अगुवाई वाली टीम द्वारा की जा रही जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
बिलासपुर (बंशीधर): बिलासपुर सदर आरएलए में सामने आए कथित फर्जीवाड़े के लिए एसडीएम सदर की अगुवाई वाली टीम द्वारा की जा रही जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक संबंधित टीम द्वारा पहली जनवरी, 2020 से दिसम्बर 25 तक पंजीकृत हुए वाहनों की जांच पूरी की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि अब तक की गई जांच में करीब 500 गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन में तकनीकी खामियां पाई गई हैं तथा आर.एल.ए. द्वारा संबंधित लोगों को इन खामियों को पूरा करने के लिए नोटिस जारी किए हैं और संबंधित लोग अपनी गाड़ियों के कागजात को ठीक करवाने के लिए आरएलए पहुंच रहे हैं। हालांकि जांच में सबसे बड़ी बाधा पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध न होना है।
बताया जा रहा है कि आरएलए बिलासपुर में रहे गौरव शर्मा व सुभाष ने अपने समय का रिकाॅर्ड आरएलए को नहीं सौंपा है। हालांकि संबंधित आराेपियों को रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भी जारी किए हैं। बावजूद इसके रिकाॅर्ड नहीं सौंपा है। वहीं आरोपियों को चार्जशीट करने की प्रक्रिया भी प्रशासनिक स्तर पर शुरू की गई है तथा चार्जशीट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है। जानकारी के अनुसार एसडीएम द्वारा जल्द ही जांच रिपोर्ट को उपायुक्त के माध्यम से राज्य परिवहन प्राधिकरण को सौंपा जाएगा। बता दें कि जिले में कुछ चोरी हुई गाड़ियों की जाली इंजन नंबर और चैसी नंबर के आधार पर जाली रजिस्ट्रेशन किए जाने का मामला सामने आया था।
इसकी प्राथमिकी चाणक्यपुरी नई दिल्ली में दर्ज हुई है तथा इसके आधार पर क्राइम ब्रांच दिल्ली की टीम ने आरएलए बिलासपुर में तैनात सुभाष चंद को गिरफ्तार किया था तथा इसका मुख्य आरोपी गौरव शर्मा अभी तक फरार चल रहा है। वहीं इस मामले में जिले में चोरी की गाड़ी बेचने की पहली प्राथमिकी भी दर्ज हुई है। एसडीएम सदर डा. राजदीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट को राज्य परिवहन प्राधिकरण को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिस पर संबंधित लाेग अपने वाहनों का सत्यापन करवाने आ रहे हैं।